नेपाल चुनाव- भारत विरोधी नेता केपी ओली की हार:बालेन शाह ने 50,000 वोटों से हराया..
नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है, जहां रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह ने चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को भारी मतों से हरा दिया।
नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता बालेंद्र शाह ने शनिवार को चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को भारी मतों से हरा दिया। इसके साथ ही आरएसपी देश में अगली सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है। पिछले साल जेन-जी के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद यह पहला आम चुनाव था, जिसमें परिवारवाद को खत्म करने और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की मांग उठी थी। इन चुनावों में पारंपरिक राजनीतिक दलों को बड़ा झटका लगा है।
नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। 165 सीटों पर शुरुआती रुझान आ चुके हैं। रैपर से नेता बने और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 50 हजार वोटों से हरा दिया है।राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के बालेन शाह और ओली झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे थे। यहां बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि केपी शर्मा ओली को 18,734 वोट मिले। ओली को भारत विरोधी नेता माना जाता है। उन्होंने झापा-5 सीट से 2017 और 2022 का चुनाव जीता था।
बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। RSP ने अब तक 62 सीटें जीत ली हैं, जबकि 60 सीटों पर आगे चल रही है। यह पार्टी सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी।
मतदाताओं को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, भाई-भतीजावाद खत्म करने और राजनीतिक नेतृत्व में परिवारवाद जैसे मुद्दे ज्यादा असर डालते दिखे। इसी वजह से पारंपरिक दल मतदाताओं को प्रभावित करने में पीछे रह गए। 35 वर्षीय इंजीनियर, रैपर और अब नेता बने बालेन के नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। यह नतीजे स्थापित राजनीतिक दलों के प्रति जनता के असंतोष को भी दिखाते हैं। पिछले 18 वर्षों में नेपाल में 14 सरकारें बन चुकी हैं।
