‘स्थिति पर हमारी नजर..’, ट्रंप टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद बोला भारत..
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद भारत सरकार ने कहा है कि वह फैसले और उसके बाद घोषित अमेरिकी कदमों के असर का आकलन कर रही है|वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक घटनाक्रमों का बारीकी से अध्ययन जारी है|
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “हमने कल (शुक्रवार) टैरिफ पर यूएस सुप्रीम कोर्ट फैसले पर ध्यान दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी इस बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। यूएस प्रशासन ने कुछ कदमों की घोषणा की है। हम इन सभी डेवलपमेंट्स का उनके असर के लिए स्टडी कर रहे हैं।”
शुक्रवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया कि 1977 के जिस कानून का इस्तेमाल ट्रंप ने अलग-अलग देशों पर अचानक टैरिफ लगाने के लिए किया था और जिससे ग्लोबल ट्रेड में उथल-पुथल मच गई, प्रेसिडेंट को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया है.फैसले पर भड़कते हुए ट्रंप ने कहा कि यह फैसला विदेशी हितों से प्रभावित था। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “मुझे कोर्ट के कुछ सदस्यों पर शर्म आ रही है, बिल्कुल शर्म आ रही है, क्योंकि उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है।”
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए गर्व है कि मैंने ओवल ऑफिस से सभी देशों पर वैश्विक 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने के आदेश पर साइन किए हैं, जो लगभग तुरंत प्रभाव से लागू होगा|’
इस कानूनी बदलाव के बाद भारत पर टैरिफ घटकर 3.5 प्रतिशत हो सकता था, जो ट्रंप के कदम से पहले ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ दर्जे के तहत लागू था| हालांकि ट्रंप ने तुरंत कदम उठाते हुए शनिवार तक नया आदेश जारी कर सभी देशों, जिसमें भारत भी शामिल है, पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू करने का फैसला कर लिया|
