स्पेशल फोर्स का के-9 ट्रूपर टायसन-गोली लगी पर वह रुका नहीं…
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में भारतीय सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। इस ऑपरेशन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया और इसमें कोई भी जवान घायल नहीं हुआ, लेकिन स्पेशल फोर्स का के-9 ट्रूपर टायसन जरूर घायल हो गया। टायसन को गोली लगी थी। इसके बावजूद वह रुका नहीं। ऑपेरशन पूरा होने के बाद उसे एयरलिफ्ट किया गया। फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
सेना की टुकड़ी व्हाइट नाइट कॉर्प्स की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि रविवार को सुदूर इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान में सैनिकों ने तीन आतंकियों के शव बरामद किए। उनके पास दो एके-47 राइफल भी मिलीं।
आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टुकड़ियों ने तलाश अभियान शुरू किया और सुबह लगभग साढ़े 10 बजे चतरू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई। एक पहाड़ी पर स्थित मिट्टी के घर के भीतर छिपे आतंकवादियों ने पास आ रहे जवानों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इसी दौरान टायसन को भी गोली लगी। यह एलीट जर्मन शेफर्ड सबसे पहले टेररिस्ट ठिकाने (धोक) की ओर बढ़ा और फायरिंग के दौरान गोली लगने से घायल हो गया। गोली लगने के बावजूद, टायसन आगे बढ़ता रहा, और ड्यूटी के दौरान जबरदस्त हिम्मत और वफादारी दिखाई। उसे तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए एयरलिफ्ट किया गया और अभी उसकी हालत सुरक्षित और स्टेबल बताई जा रही है।
