फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने वाला कमल सिंह 20 साल से मौके का कर रहा था इंतजार…
नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे कनपटी से सटाकर पिस्टल से फायरिंग कर उनकी जान लेने की कोशिश की गई। डॉ. फारूक बाल-बाल बच गए। एनएसजी कमांडो से अगर चंद सेकंड की भी देरी होती तो कुछ भी हो सकता था।
फारूक जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क में शादी समारोह में पहुंचे थे। इसमें आरोपी कमल सिंह जम्वाल भी पहुंचा था। इसी दौरान मौका पाते ही उसने वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। इसमें फारूक बाल-बाल बच गए।फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी के साथ पहुंचे थे। अचानक भीड़ में से एक व्यक्ति पीछे से आया, पिस्तौल उनकी कनपटी पर तान दी और निशाना साधकर फायर किया ।गनीमत रही कि गोली उन्हें नहीं लगी और सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया।हमले में डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी को भी मामूली चोट आई, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया ।दोनों नेता कुछ पल के अंतर से बड़ी घटना से बच गए।
पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल, उम्र करीब 65 वर्ष, निवासी पुरानी मंडी, जम्मू के रूप में की है।पूछताछ में कमल सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने पुलिस को बताया, ‘मैं पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने का इंतजार कर रहा था ।आज मौका मिला लेकिन वह बच गए।’ यह बयान उसने अपनी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को दिया।
कमल सिंह के पास लाइसेंसी पिस्तौल थी और वह कथित तौर पर नशे में भी था। पुलिस ने उससे हथियार बरामद कर लिया है और पूछताछ जारी है कि उसकी मंशा केवल निजी दुश्मनी थी या इसके पीछे कोई और साजिश। सुरक्षा एजेंसियां उसके बैकग्राउंड, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच कर रही हैं।
हमले के तुरंत बाद फारूक अब्दुल्ला के बेटे और J-K के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने X (ट्विटर) पर पोस्ट किया ।उन्होंने लिखा, ‘अल्लाह मेहरबान है. मेरे पिता बाल-बाल बच गए ।फिलहाल पूरी जानकारी अधूरी है, लेकिन इतना पता चला है कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल लेकर बिल्कुल करीब आ गया और गोली चला दी। सुरक्षा दल ने ही गोली को रोककर हत्या के प्रयास को नाकाम कर दिया। फिलहाल सवालों से ज्यादा जवाब नहीं हैं, जिनमें से एक यह भी है कि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा बल (एनएसजी) द्वारा सुरक्षित पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कैसे पहुंच गया।’ उमर ने सुरक्षा चूक पर गंभीर सवाल उठाए और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है।
