जम्मू के किश्तवाड़ में कुदरत का कहर , 2 जगह बादल फटा , लैंडस्लाइड से सड़कें बंद, सुरक्षाबल रेस्क्यू में जुटे…
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के गहान सार्थल और माछीपाल इलाकों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है लेकिन अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।मौके से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ही स्थानों पर किसी के हताहत होने, घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है। किश्तवाड़ के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) पवन कोटवाल (जेकेएएस) ने पुष्टि की है कि अभी तक किसी के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मंगलवार दोपहर बाद जिले के ठाठरी, द्राबशाल्ला शाला, सैलाना, सरोर, सरथल गाहन और आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर नाले उफान पर आ गए, जिससे सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और गाद जमा हो गई तथा कई मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ठाठरी क्षेत्र में अचानक आए तेज बहाव वाले नालों ने सड़कों पर मलबा ला दिया, जिससे कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। कुछ वाहनों के मलबे में दबने की भी सूचना मिल रही है। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता और आपसी सहयोग से कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। पुलिस, रेड क्रॉस, राजस्व विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर भेजी गई हैं।सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।बारिश के समय स्कूलों में छुट्टी हो चुकी थी और घर लौट रहे स्कूली बच्चों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने बच्चों को सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े प्रभावित हिस्सों की बहाली के लिए एनएचआईडीसीएल को तत्काल मौके पर भेजा गया है, जबकि पीएमजीएसवाई की मशीनरी और जेसीबी भी सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के कार्य में जुटी हुई हैं।
