भारत की टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत,अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से हराया…
भारत और अफगानिस्तान के बीच इकलौता टेस्ट न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविन्द्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया।06 जून से शुरू हुआ मुकाबला तीसरे दिन समाप्त हो गया, जिसमें मेजबान टीम इंडिया ने एक पारी और 300 रनों से जीत अपने नाम की। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में टीम इंडिया की सबसे बड़ी जीत रही।भारत ने पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की थी और अफगानिस्तान की पहली पारी तीसरे दिन 152 रन पर ऑलआउट की। भारत को इस तरह 412 रनों की बढ़त हासिल हुई और टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन दिया। अफगानिस्तान की दूसरी पारी में बल्लेबाजी बेहद खराब रही और टीम 112 रन ही बना सकी। अफगानिस्तान ने दूसरी पारी में नौ विकेट गंवाए थे, लेकिन अशरफ बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे।
अफगानिस्तान की दूसरी पारी में वॉशिंगटन सुंदर ने 4 और कुलदीप यादव ने 3 विकेट लिए। डेब्यू मैच खेल रहे मानव सुथार और मोहम्मद सिराज ने 1-1 विकेट लिया। सुथार ने अफगानिस्तान की पहली पारी में 6 विकेट लिए थे। इस तरह उन्होंने मैच में 7 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।भारतीय टीम ने टेस्ट क्रिकेट में 599 मैचों में 186वीं जीत हासिल की है। भारत ने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ दिया है। वेस्टइंडीज के नाम 592 मैचों में 185 जीत है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका भारत से आगे हैं।भारत की पारी और 300 रन की जीत एशियाई टीमों में दूसरी सबसे बड़ी जीत बन गई। इससे बड़ी जीत केवल पाकिस्तान ने 2002 में लाहौर टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ पारी और 324 रन से दर्ज की थी।
हालांकि, यह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा नहीं था, इसलिए भारतीय टीम को अंक तालिका में कोई लाभ नहीं मिला।अब सवाल यह उठ रहा है कि भारत और अफगानिस्तान टेस्ट को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा क्यों नहीं बनाया गया है? 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में सिर्फ 9 फुल मेंबर टीमों को शामिल किया गया है। इसमें- भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज शामिल है। अफगानिस्तान इन 9 टीमों का हिस्सा नहीं है, भले ही टीम के पास टेस्ट खेलने का दर्जा मौजूद है। अफगानिस्तान को इसलिए नहीं रखा गया है, क्योंकि बाकी टीमों की तरह अफगानिस्तान के बहुत सारे टेस्ट नहीं होते हैं।
इस मैच की सबसे बड़ी सकारात्मक बात भारतीय टीम के लिए मानव सुथार का प्रदर्शन रहा। पदार्पण टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में छह और दूसरी पारी में एक विकेट लेकर कुल सात विकेट हासिल किए। अपनी सटीक लाइन-लेंथ और नियंत्रण से उन्होंने अफगान बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा और मैच में निर्णायक भूमिका निभाई।यह किसी भारतीय गेंदबाज का डेब्यू टेस्ट पारी में दूसरा बेस्ट प्रदर्शन है। इस लिस्ट में नरेंद्र हिरवानी पहले स्थान पर हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1988 में 8 विकेट लिए थे।सुथार टेस्ट डेब्यू में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले भारत के 10वें बॉलर और सातवें स्पिनर बने। वह इस सदी में अमित मिश्रा के बाद डेब्यू टेस्ट पारी में फाइव विकेट हॉल लेने वाले दूसरे भारतीय भी हैं। अमित ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह कारनामा किया था।
