Holi: दो मार्च को होलिका दहन, चार को होली, जान लें मुहूर्त…
चंद्रग्रहण के कारण होली खेलने की तारीख को लेकर पंचांगभेद
इस साल होली की तारीख को लेकर भ्रम है। पूर्णिमा तिथि दो दिन रहेगी और चंद्रग्रहण भी रहेगा। इसी वजह से ये भ्रम है कि होली कब जलाएं और रंग कब खेलें। मान्यता है कि होलिका दहन पूर्णिमा तिथि की रात में ही होना चाहिए।
Holika Dahan: होलिका दहन और होली के मुहूर्त पर काशी के विद्वानों ने शुक्रवार को अपनी राय दी। उनका कहना है कि शास्त्रों के अनुसार दो मार्च की रात 11: 57 बजे से होलिका दहन का मुहूर्त है। चार मार्च को होली खेली जाएगी। मार्च की रात में फाल्गुन पूर्णिमा रहेगी, इसलिए होलिका दहन इस रात में होगा, लेकिन अधिकांश पंडितों के मुताबिक चंद्रग्रहण की वजह से होली (धुलंडी) 3 नहीं, 4 मार्च को खेली जाएगी।संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार पूर्णमासी में होलिका दहन की जाती है। प्रतिपदा में होली खेली जाती है। दो मार्च को भद्रा है लेकिन लोकाचार को ध्यान में रखते हुए रात 11:57 बजे से होलिका दहन जा सकती है।
शास्त्रीय गणना के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को शाम 5:56 बजे से प्रारंभ होकर 3 मार्च 2026 को शाम 5:08 बजे तक विद्यमान रहेगी। 3 मार्च को सूर्योदय पूर्णिमा में ही होगा। 4 मार्च 2026 (बुधवार) को प्रतिपदा तिथि में जो अपराह्न तक विद्यमान रहेगी। होली का उत्सव मनाया जाना शास्त्रोचित होगा। 3 मार्च को चंद्रग्रहण होगा, जो भारत में दिखाई देगा।
चंद्रग्रहण दोपहर 3.21 बजे से शाम 6.47 मिनट तक रहेगा। सूतक और ग्रहण के प्रभाव में रंग-गुलाल खेलना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए 3 मार्च को रंगों की होली नहीं खेली जाएगी। 3 मार्च की शाम को ग्रहण समाप्त होने के बाद शुद्धिकरण और स्नान किया जाएगा। इसके अगले दिन 4 मार्च को रंगों की होली का उत्सव मनाया जाएगा।
