India AI Impact Summit 2026: डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया: प्रधानमंत्री मोदी.
India AI Impact Summit 2026 के चौथे दिन गुरुवार को भारत मंडपम में दुनियाभर के दिग्गजों का जमावड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति, गूगल सीईओ सुंंदर पिचाई इस समिट में हिस्सा ले रहे हैं। सभी दिग्गज अपने कीनोट में एआई और उसके भविष्य पर बात कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई के संबंध में भारत की दिशा स्पष्ट है। भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है। एआई पूरी मानवता के लाभ के लिए एक साझा संसाधन है। हमें मिलकर एक ऐसा एआई भविष्य बनाना होगा जो इनोवेशन को बढ़ावा दे, इन्क्लूसिविटी को मजबूत करे और मानवीय मूल्यों को समाहित करते हुए आगे बढ़े। जब टेक्नोलॉजी और मानवीय विश्वास साथ-साथ चलेंगे, तभी एआई का वास्तविक प्रभाव दुनिया पर दिखाई देगा।
पीएम मोदी ने कहा कि जब टेक्नोलॉजी और ह्यूमन ट्रस्ट साथ चलेंगे, तो एआई का सही इम्पैक्ट दुनिया पर दिखेगा।पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी पावरफुल है लेकिन डायरेक्शन हमेशा मानव ही तय करेगा। अपने एआई मिशन के माध्यम से भारत में अगले छह महीने में 24000 जीपीयू और लगाने जा रहे हैं। हमने एक एआई पोस्ट भी बनाया है। इसके माध्यम से 270 एआई मॉडल्स को नेशनल रिसोर्स के रूप में शेयर किया गया है।
एआई पर चेक एंड बैलेंस की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा- “साथियों, आज की एक बहुत बड़ी आवश्यकता ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाने की भी है. डीपफेक और फैब्रिकेडेट कंटेंट ओपन सोसाइटीज में अस्थिरता ला रहे हैं. फिजिकल वर्ल्ड में हम फूड पर न्यूट्रिशन लेबल देखते हैं, ताकि हमें पता हो कि हम क्या खा रहे हैं. ठीक उसी तरह डिजिटल वर्ल्ड में कंटेंट पर भी ऑथेंटिसिटी लेबल होने चाहिए, ताकि लोगों को पता हो कि क्या असली है और क्या एआई से बनाया गया है.”
पीएम मोदी ने चाइल्ड सेफ्टी की बात करते हुए आगे कहा, “जैसे-जैसे एआई ज्यादा टेक्स्ट, इमेजेस और वीडियोज बना रहा है, वैसे-वैसे इंडस्ट्री में वाटर मार्किंग और क्लियर सोर्स स्टैंडर्ड्स की जरूरत बढ़ती जा रही है. इसीलिए ये जरूरी है कि ये विश्वास टेक्नोलॉजी में शुरू से बिल्डइन हो. हमें चिल्ड्रन सेफ्टी के प्रति और भी अधिक सजग होना होगा. जैसे स्कूल का सिलेबस क्यूरेटेड होता है, वैसे ही एआई स्पेस भी चाइल्ड सेफ और फैमिली गाइडेड होना चाहिए.”
