आखिर किन लोगों को होता है सोराइसिस बीमारी ?
लालकिला पोस्ट डेस्क
सोरायसिस क्रॉनिक स्किन डिसीज़ है, जो किसी को भी हो सकता है। स्कैल्प, हाथ, पैर, के साथ कई बार ये पूरे शरीर में भी हो जाता है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रख कर और घरेलू उपचार से रोका जा सकता है। सिरोसिस में स्किन पर लाल चकते से पड़ने लगते हैं। साथ ही इसमें चीज़ यानी जलन या खुजली भी होने लगती है। स्किन में इतना रुखापन आ जाता है कि स्किन पर पपड़ी सी पड़ने लगती है। आम तौर पर ये बीमारी बैक्टीरियल इंफेक्शन, जैनेटिक रिज़न, हमेशा स्ट्रेस में होना, शराब और सिगरेट का बहुत ज्यादा यूज, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण और स्किन पर चोट जैसे कटना, खरोंच, जलना या सनबर्न की वजह से हो सकता है।
अब जानते हैं इस बीमारी के घरेलू उपचार के बारे में
नंबर एक- एलोवेरा का जूस
एलोवेरा के जेल या क्रिम को स्किन पर लगाना बहुत ही अच्छा होता है। एलोवेरा जेल और लहसुन को मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे सिरोसिस पर लगा कर कुछ देर रखें और बाद में सादे पानी से धो दें।
नंबर दो- जैतून का तेल
एक कप जैतून के तेल में कुछ बूदें कंदुला और आर्गेनिक ऑयल की मिला लें और इसे सोरायसिस वाली जगह पर लगाए। रोज दिन में दो बार इस तेल को स्किन पर लगाएं। बहुत आराम मिलेगा।
नंबर तीन- खाली पेट करेला का रस पीएं
रोज करेला के जूस में नींबू का रस मिलाकर पींए। ये सिरोसिस में रामबाण की तरह से काम करता है।
नंबर चार- गेंदे का फूल
चार कप पानी में 5-6 गेंदे के फूल को डालकर गाढ़ा होने तक उबाल लें। इसके बाद इसे ठंडा करके स्कैल्प पर लगाएं बाद में इसे बेबी शैंपू से धोएं।
और नंबर पांच- हल्दी
एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर हल्दी त्वचा में मौजूद बैक्टीरियल को खत्म करता है। एक चम्मच हल्दी पाउडर में पानी डालकर इंफेक्टिड जगह पर रातभर लगाकर पट्टी बांध लें और अगले दिन साफ करें। ऐसा रोजाना करने से सोरायसिस जड़ से खत्म हो जाएगा।
