अयोध्या राममंदिर के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा,गोविंद देव गिरी नए महासचिव…
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO ) को लेकर निर्णय हो गया है। सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लग गई है। बुधवार को अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ ही आमंत्रित सदस्य भी मौजूद रहे।एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अपनी नियुक्ति के दिन से तीन वर्षों तक सीईओ पद पर रहेंगे। वह इसी वर्ष अप्रैल में भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए थे।
वहीं, ट्रस्ट की बैठक में नए महासचिव की भी घोषणा कर दी गई। गोविंद देव गिरी ट्रस्ट के नए महासचिव होंगे। बैठक में ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों की भी घोषणा की गई है। नए शामिल होने वाले सदस्यों में मदन मोहन पांडेय अयोध्या के, महेश भागचंदका दिल्ली के और निर्मला यादव अयोध्या से हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए 5500 से ज्यादा एप्लीकेशन आए थे। इसमें से 16 के नाम शॉर्टलिस्ट हुए थे। शॉर्टलिस्ट लोगों से खान-पान, रहन-सहन और हिन्दू धर्म से जुड़ी मान्यताओं को लेकर कई अहम सवाल पूछे गए थे। 16 लोगों के इंटरव्यू हुए थे। इनमें से तीन नाम चुने गए थे जिनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज के नाम शामिल थे। सीईओ पद के लिए जितेंद्र मिश्रा का नाम फाइनल किया गया है। इसके अलावा, राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि नए महासचिव बनाए गए हैं।कृष्ण मोहन ने बताया कि मदन मोहन पांडेय अयोध्या के रहने वाले हैं। पेशे से वकील हैं। वह राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं।डॉ. निर्मला यादव शिकोहाबाद की रहने वाली हैं। वह हिंदी और संस्कृत में परास्नातक हैं। उन्हें विश्वविद्यालय में 15 साल तक काम करने का अनुभव है। बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ऑनलाइन जुड़े। दूसरी बैठक दोपहर 3 बजे से हुई जिसमें राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी शामिल हुए।
श्री जीतेंद्र मिश्रा यूपी के देवरिया जनपद के बनकटा विकास खंड के अंतर्गत आने वाले भोपतपुरा गांव के मूल निवासी हैं। उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता एक लेक्चरर (प्रवक्ता) थे। जीतेंद्र मिश्रा छह दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशंड हुए थे। करीब 38 साल से अधिक के शानदार करियर के बाद वे अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त हुए। उन्हें 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाने का तीन हजार घंटे से ज्यादा का अनुभव है। मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वे वायुसेना की सबसे महत्वपूर्ण पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे।मिश्रा सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित हैं।
राम मंदिर के सीईओ के रूप में उनकी नियुक्ति को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मंदिर अब निर्माण के चरण से आगे बढ़कर व्यवस्थित संचालन और वैश्विक धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, कर्मचारी प्रबंधन, सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी जिम्मेदारियां सीईओ के सामने होंगी।ऐसे में सैन्य सेवा से आए मिश्रा के अनुशासन, नेतृत्व, बड़े संस्थान के प्रबंधन और समन्वय के अनुभव को ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देवरिया के छोटे से गांव भोपतपुरा से भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे मिश्रा का अब अयोध्या के राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में नया अध्याय शुरू हुआ है।
