भीषण बारिश के बाद बाढ़ का खतरा,केदारनाथ में 1500 लोगों का रेस्क्यू , जयपुर में ओले गिरे,UP में 56 की मौत…
देश के कई हिस्सों में भीषण बारिश के बाद बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ओडिशा में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में अभी तक 56 लोगों की मौत हो गई है। बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में भी काफी ज्यादा बारिश हुई है।जयपुर में सोमवार शाम मौसम बदला और मूसलाधार बारिश हुई। कई इलाकों में ओले गिरे। श्रीगंगानगर के पदमपुर के आसपास सोमवार दोपहर में बवंडर आया।हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में सोमवार सुबह जांगलीख पुल के पास लैंडस्लाइड हो गया। 100 फीट से ज्यादा ऊंचा पहाड़ करीब 25 से 26 सेकंड तक गिरता रहा। मलबे के कारण सुंद्रू नदी का बहाव भी कुछ देर के लिए रुक गया।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के समीप रविवार शाम पहाड़ी से पत्थर और मलबा आने से पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। वहीं हादसे के बाद मलबा आने से मार्ग पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए रातभर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। रेस्क्यू टीमों (SDRF, NDRF और DDRF)ने करीब 1500 सौ यात्रियों को सुरक्षित मार्ग पार कराया।इसके साथ ही मौसम में सुधार के बाद दो दिन से बंद चारधाम यात्रा भी फिर शुरू कर दी गई है।जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम से चीरबासा के समीप पहाड़ी से पत्थर गिरने की सूचना मिली। पत्थरों की चपेट में आने से एटा, उत्तर प्रदेश निवासी पांच वर्षीय यश पुत्र रोहताश यादव की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर तैनात रेस्क्यू टीम ने बच्चे को पालकी से एमआरपी भैरव मंदिर जंगलचट्टी पहुंचाया।उन्होंने बताया कि चीरबासा क्षेत्र में मलबा और पत्थर आने से पैदल मार्ग अवरुद्ध हो गया था।
वहीं, उत्तर प्रदेश में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गोंडा और बदायूं में छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। आंधी-बारिश से पिछले 2 दिनों में 63 लोगों की मौत हुई है। उत्तर प्रदेश में रविवार तक बारिश और तूफान से जुड़ी घटनाओं में 63 लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हो गए। भीषण बारिश की वजह से 1021 मकानों को नुकसान पहुंचा है। सीतापुर में सात, लखीमपुर खीरी में पांच, बहराइच में पांच, बलरामपुर में पांच, अयोध्या में चार और गोरखपुर में चार लोगों की मौत हुई है।अहम बात यह भी है कि राज्य के दूसरे जिले भी प्रभावित हुए हैं।बिहार के कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। वैशाली, सारन, मधेपुरा, कटिहार, सुपौल, अररिया और चंपारण शामिल हैं। इन जिलों में भयंकर बारिश हो रही है। पश्चिम बंगाल में भी बारिश हुई है। वहीं मध्य प्रदेश के कुछ जिलों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए रहे और कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई।
छत्तीसगढ़ में बारिश के बाद मल्लीगुड़ा और छत्रीपुट रेलवे स्टेशनों के बीच लैंडस्लाइड के चलते पटरियां हवा में लटक रही हैं।इस रूट की सभी पैसेंजर और मालगाड़ी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। रेलवे को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के पास इंद्रावती नदी में बाढ़ के कारण फंसे 12 लोगों को इंडियन एयरफोर्स (IAF) ने हेलिकॉप्टर से सुरक्षित बचाया। ये लोग डोंगाघाट गांव के पास नदी के किनारे कच्ची झोपड़ी की छत पर फंसे थे।बाढ़ का पानी बढ़ने से छत गिरने का खतरा था। एक गरुड़ कमांडो को छत पर उतारकर लोगों को हेलिकॉप्टर में सुरक्षित पहुंचाया गया।
ओडिशा में बाढ़ की वजह से 3.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अकेले बालासोर जिले में 67,266 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। राज्य सरकार ने 500 से ज्यादा राहत शिविर बनवाए हैं। गंजाम, गजपति, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर जैसे जिले भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं, जबकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज जिलों के कुछ हिस्सों में भी पानी भर गया।
