कनाडा की लेखिका ऐन कार्सन को 2026 का साहित्य नोबेल,प्राचीन लेखन को आधुनिक दुनिया से जोड़ा….
कनाडा की लेखिका और कवयित्री ऐन कार्सन को 2026 का साहित्य नोबेल पुरस्कार दिया गया है। नोबेल समिति ने उन्हें ऐसी रचनाओं के लिए सम्मानित किया है, जिनमें उन्होंने पुराने यूनानी-रोमन साहित्य को आज की जिंदगी, प्यार, रिश्तों और दुख से जोड़ा।नोबेल समिति ने कहा कि कार्सन की खासियत यह है कि वह पुरानी कहानियों को सिर्फ दोबारा नहीं लिखतीं, बल्कि उनमें अपनी कल्पना और आज की जिंदगी की भावनाएं जोड़ देती हैं।उनकी रचनाओं में कविता, कहानी और निबंध की सीमाएं भी कई बार खत्म हो जाती हैं। यही वजह है कि उनका लेखन बाकी लेखकों से काफी अलग नजर आता है।
स्वीडिश अकादमी के अनुसार, उन्हें यह पुरस्कार उनके “बेबाक और नए प्रयोगों” के लिए मिला है। उन्होंने क्लासिकल परंपरा के साथ नए प्रयोग कर समकालीन साहित्य के लिए नए रूप गढ़े हैं। अपने पूरे करियर के दौरान, ऐन कार्सन ने कविता लिखने के साथ-साथ अनुवाद का काम और अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पढ़ाने का काम भी किया है।उनका लगभग सारा साहित्यिक काम शब्दों के प्रति एक भाषा-विशेषज्ञ के जुनून और नए अर्थों की तलाश करने वाले कवि के नजरिए के मेल पर केंद्रित रहा है। उन्होंने खुद माना है कि शब्दों की व्युत्पत्ति ही उनके सभी कामों की शुरुआती कड़ी रही है।कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन ने 1990 के दशक में कई मशहूर रचनाएं लिखीं हैं। इनमें से एक ‘ग्लास, आयरनी, एंड गॉड’ (1995) में ‘द ग्लास एस्से’ है।कार्सन की चर्चित किताबों में नॉक्स,द ब्यूटी ऑफ द हसबैंडभी शामिल है।
कार्सन का जन्म 1950 में कनाडा के टोरंटो में हुआ था। उन्होंने प्राचीन यूनानी और रोमन साहित्य की पढ़ाई की। साल 1981 में उन्होंने क्लासिक्स जर्नल में ‘ओडी एट अमो एर्गो सम’ टाइटल से अपनी डॉक्टरेट की थीसिस पब्लिश की। नोबेल प्राइज के ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी जानकारी के मुताबिक, 1986 में प्रकाशित ‘इरोस द बिटरस्वीट’ को इनका सबसे बेहतरीन लेखन माना जाता है। इसमें उन्होंने प्राचीन ग्रीक साहित्य के जरिए प्रेम और इच्छा के मर्म को समझाया है। उनके मुताबिक, प्रेम में हर्ष और कष्ट दोनों शामिल हो सकते हैं।
कार्सन की चर्चित किताबों में ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ रेड: ए नॉवेल इन वर्स’ भी शामिल है। 1998 में प्रकाशित यह किताब हजारों साल पुरानी यूनानी कथा पर आधारित है। इसमें गेरियोन नाम का एक पंखों वाला लाल राक्षस है।कार्सन ने इस पुराने मिथक को बिल्कुल नए तरीके से लिखा। उनकी कहानी में गेरियोन सिर्फ एक राक्षस नहीं, बल्कि अपनी मां से प्यार करने वाला संवेदनशील युवक है। इस तरह उन्होंने एक पुरानी यूनानी कहानी को प्यार, हिंसा और रिश्तों जैसी मानवीय भावनाओं से जोड़ दिया।
