नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की हिमस्खलन में गई जान,ब्रॉड पीक पर मिला शव,हिमस्खलन में कुल 10 लोगों की गई थी जान…
मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में हिमस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई।मशहूर अंतरराष्ट्रीय पर्वातारोही निर्मल ‘निम्स’पुरजा का शव रविवार को PoK के ब्रॉड पीक पर लगभग 5,700 मीटर ऊंचाई से रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिया है। एल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने पुरजा का शव बरामद कर लिया है। गुरुवार को ब्रॉड पीक पर चढ़ाई कर रहे पुरजा और उनके साथी एक एवलांच की चपेट में आ गए थे।इस हादसे में पुरजा समेत 10 पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी। 4 पर्वतारोहियों की मौत की पुष्टि पहले ही हो गई थी, शनिवार को निर्मल पुरजा की भी मौत की पुष्टि हुई। अब तक पांच पर्वतारोहियों के शव मिल चुके हैं और बाकी की तलाश जारी है।इससे पहले एडवेंचर ग्रुप एलीट एक्सपेड ने भी घटना की पुष्टि की थी। 43 वर्षीय निर्मल पुरजा ब्रॉड पीक पर अपनी टीम को लीड कर रहे थे। गुरुवार दोपहर अचानक हिमस्खलन आया, जिसके बाद टीम के सभी 10 सदस्यों से संपर्क टूट गया था।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने निर्मल पुरजा और उनकी टीम के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा, ‘पहाड़ कई पर्वतारोहियों को अपनी चोटियों तक पहुंचने का गौरव देते हैं, लेकिन कभी-कभी वे उन्हें हमेशा के लिए गले भी लगा लेते हैं। इसके बावजूद पर्वतारोही अपनी हिम्मत और लगन से इतिहास में हमेशा अमर रहते हैं।’नेपाल के परराष्ट्र मंत्रालय (विदेश मंत्रालय) के अनुसार, इस हादसे ने पूरी दुनिया के पर्वतारोहियों को स्तब्ध कर दिया है। प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुरजा ‘निम्सदाई’ इस अंतरराष्ट्रीय टीम की अगुवाई कर रहे थे। उनके साथ नेपाली पर्वतारोही पुर बहादुर गुरुंग ‘युक्ता’, किली पेम्बा शेरपा ‘किलु’, निमा शेरपा, नवांग थिंडू शेरपा और ग्यालु शेरपा मौजूद थे। टीम के साथ कई अंतरराष्ट्रीय सदस्य भी इस अभियान का हिस्सा थे। सभी की मौत से पर्वतारोहण के क्षेत्र को कभी न पूरी होने वाली क्षति हुई है।
पाकिस्तान के एल्पाइन क्लब (ACP) ने बताया कि 43 वर्षीय निर्मल पुरजा का शव करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला। क्लब ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ग्राउंड रेस्क्यू टीम ब्रॉड पीक पर लगभग 5,700 मीटर की ऊंचाई पर निर्मल पुरजा तक पहुंच गई थी, जिसे निम्स दाई के नाम से भी जाना जाता है। क्लब ने कहा कि यह वही पर्वत है, जिससे उन्हें बेहद लगाव था और अब इसी पर्वत ने उन्हें उनसे हमेशा के लिए दूर कर दिया।
