सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में शख्स ने चप्पल फेंका,सांसद ने कहा-चाकू लेकर मुझे मारने आया था….
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर उनके दिल्ली में स्थित आवास पर रविवार शाम एक शख्स ने हमला कर दिया।बताया जा रहा है कि दिल्ली में सांसद के आवास पर पप्पू यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, इसी बीच एक आदमी ने उनके ऊपर चप्पल फेंक दी। जिसके बाद पप्पू यादव के समर्थक भड़क गए और उस शख्स की जमकर पिटाई कर दी, जिसने सांसद पर हमले का प्रयास किया। इस दौरान पूरी तरह से अफरा तफरी का माहौल बन गया।
पप्पू यादव ने दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। लेकिन वह बच गए। उन्होंने कहा कि कुछ बाबा लगातार धमकी दे रहे थे कि ‘मुझे मार दो, जला दो, हम 51 लाख रुपये देंगे।’ उन्होंने कहा कि उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है।सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मेरे घर में किसी ने घुसकर हमला किया। क्या अब लोग हमसे मिलने भी नहीं आ सकते?” चाकू लेकर मारने आया।पप्पू यादव ने शुक्रवार को संसद में चंदा चोरी का नाटक किया था, जिसके बाद लखनऊ के एक हिंदूवादी नेता ने उनका सिर लाने वाले को 51 लाख रुपए का इनाम देने का ऐलान किया था।हमले के बाद पप्पू यादव ने मीडिया से कहा- आपके सामने ही हमला हुआ है? मेरा का क्या गुनाह है? गुनाह बृजभूषण तिवारी का है, चंपत राय का है।शनिवार को पप्पू यादव की पत्नी और राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन के दिल्ली स्थित आवास के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और साधु-संतों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस पर रविवार को पप्पू यादव ने चेतावनी देते हुए कहा – “अगर मेरे बच्चों और परिवार तक पहुंचे, तो महाभारत से भी बड़ा महाभारत होगा। हम अपनी लड़ाई में बच्चों को शामिल नहीं करते। हमें ऐसे कमजोर संस्कार नहीं मिले हैं।”उन्होंने कहा, मैं पहले ही कई एफआईआर दर्ज करा चुका हूं। मेरे वकील भी यहां हैं। मैं डरने वाला नहीं हूं। अगर कोई मुझे मारना चाहता है तो मार दे।
सांसद पप्पू यादव के एक समर्थक ने कहा, पप्पू यादव लगातार जनता की सेवा कर रहे हैं। जैसे ही उसने (हमलावर ने) पीछे से चाकू निकाला, हमने तुरंत मिलकर उसे पकड़ लिया और काबू में कर लिया। अगर हमने उस समय उसे नहीं रोका होता तो संभव है कि आज हमारे पप्पू जी हमारे साथ नहीं होते।पप्पू यादव के मीडिया संयोजक ने कहा- हमलावरों ने पहले चप्पल फेंकी, फिर चाकू निकालकर हमला करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस मूकदर्शक बनी रही और हमलावरों को बचाने में लगी थी। उनका दावा है कि हमलावर प्रयागराज के अतीक अहमद हत्याकांड जैसी वारदात को अंजाम देने आए थे।
