पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ कहना मल्लिकार्जुन खरगे को पड़ा भारी, चुनाव आयोग ने 24 घंटे के अंदर मांगा जवाब…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ‘आतंकवादी’ टिप्पणी को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। अब इस मामले पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष से प्रधानमंत्री को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर 24 घंटों में जवाब मांगा है।
चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई बुधवार (22 अप्रैल) के दिन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे, की ओर से की गई शिकायत के बाद की है। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर सख्त कार्रवाई की मांग की।भाजपा ने आयोग को सौंपे ज्ञापन में खरगे के बयान को गंभीर रूप से अपमानजनक बताते हुए इसे आदर्श आचार संहिता का प्रथम दृष्टया उल्लंघन बताया था। पार्टी ने आयोग से खरगे से सार्वजनिक माफी मंगवाने और उनके खिलाफ उचित दंडात्मक व नियामक कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी।
भाजपा ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, खरगे के बयान के प्रचार-प्रसार पर तत्काल रोक लगाने और मीडिया व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इसे हटाने के निर्देश देने की भी अपील की है। पार्टी ने कहा कि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और मुद्दा-आधारित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के बयानों पर सख्त कदम उठाना जरूरी है।
मल्लिकार्जुन खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आतंकी शब्द का इस्तेमाल कर मंगलवार को विवादों में घिर गए थे। तमिलनाडु के चेन्नई में खरगे ने मीडिया के सामने कहा, अन्नाद्रमुक मोदी जैसे व्यक्ति के साथ कैसे जा सकती है? वह आतंकी हैं, समानता में विश्वास नहीं करते। जब बयान को और स्पष्ट करने के नए कहा गया तो विवाद बढ़ने की शंका के चलते उन्होंने सफाई भी दी थी, लेकिन भाजपा ने इसे देश – अपमान बताते हुए उनसे माफी की मांग की है।
खरगे ने सफाई में कहा था कि उन्होंने पीएम को कभी आतंकी नहीं कहा। उनका कहना था कि मोदी लोगों को डराते हैं। उनकी राजनीति भय पैदा वाली है। इसके लिए वह सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा सीबीआई ईडी व आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। निर्वाचन आयोग भाजपा के कार्यालय का ही एक्सटेंशन बन गया है।
