पीएम मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान,अब तक 36 देशों ने किया सम्मानित….
उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए पीएम मोदी को रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने अपने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया।उज्बेक भाषा के इस शब्द का मतलब है- उच्च स्तरीय मित्रता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी देशों से मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या 36 हो गई है।

प्रधानमंत्री मोदी 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। यह यात्रा राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर हो रही है। ताशकंद पहुंचने पर प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।मोदी-शावकत के बीच ताशकंद में द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में भारत-उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम सप्लाई पर चर्चा हुई।दोनों देशों ने 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अभी दोनों देशों के बीच व्यापार 1 अरब डॉलर से ज्यादा है। बैठक के बाद पीएम ने मीडिया को संबोधन किया।
पीएम का संबोधन, 4 बड़ी बातें…
- दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सीधा सहयोग, मिलकर हथियारों का उत्पादन और नई तकनीक विकसित करेंगे।
- आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को दोनों देश क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा मानते हैं।
- इन खतरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखने पर दोनों की सहमति है।
- भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों की मजबूत नींव साझी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है।
पीएम मोदी ने रविवार को पुष्टि की कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति का समझौता होगा। उम्मीद है कि यह कदम भारत की परमाणु ऊर्जा योजनाओं को दीर्घकालिक रूप से आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
पीएम मोदी ने रविवार को पुष्टि की कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति का समझौता होगा। उम्मीद है कि यह कदम भारत की परमाणु ऊर्जा योजनाओं को दीर्घकालिक रूप से आगे बढ़ाने में सहायक होगा।हालांकि, वार्ता का दायरा केवल इसी तक सीमित नहीं था। भारत और उज्बेकिस्तान ‘सिस्टर-सिटी’ और ‘सिस्टर-स्टेट’ से जुड़े तीन समझौतों को भी अंतिम रूप दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट कहना था कि इन्हें सिर्फ कागजी औपचारिकताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए ताकि इन साझेदारियों के नतीजे जमीनी स्तर पर दिखाई दें।उज्बेकिस्तान फिलहाल ‘नया ताशकंद’ नाम से एक बिल्कुल नया शहर बसा रहा है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात की ‘गिफ्ट सिटी’ को स्टडी के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में पेश किया।साथ ही, उन्होंने उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल को भारत आने का निमंत्रण दिया ताकि वे इस परियोजना के नियोजन, तकनीक और कार्यान्वयन को करीब से समझ सकें।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने भारत को एक ‘विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार’ करार दिया। उन्होंने साझा किया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पिछले वर्ष पहली बार 1 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। इसके अलावा, बीते कुछ वर्षों की तुलना में दोनों देशों के बीच संयुक्त उद्यमों में भी सात गुना वृद्धि हुई है।
उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे। यहां वे SCO की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे।भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। समिट में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है।मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
