नेपाल फ्लैश फ्लड से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 579 हुआ,1000+अब भी लापता…
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है। बाढ़ में अब तक 579लोगों की मौत हुई है. 1000+ लोग लापता हैं। इनमें कई भारतीय भी शामिल हैं।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, अब तक 320 भारतीय ऐसे हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है या जो लापता हैं। इसके साथ ही करीब 100 भारतीय मूल के लोग भी संपर्क से बाहर हैं, जिनके पास दूसरी देशों की नागरिकता है।MEA प्रवक्ता रणधीर जायवाल ने बताया, 21 भारतीय नागरिकों को बचाया गया। बाढ़ से बचाए गए 21 भारतीय तमिलनाडु से हैं। तिब्बत में लगभग 200 भारतीयों ने सहायता मांगी है। भारत अचानक आई बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए नेपाल को लगातार सहायता प्रदान करता रहेगा।
वहीं काठमांडु पोस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्री रासुवागढ़ी में संपर्क से बाहर हो गए हैं। काठमांडू की टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बाशु कुमार अधिकारी ने कहा कि बुधवार को 93 नेपालियों समेत 390 तीर्थयात्रियों को बॉर्डर पार करना था।अधिकारी ने कहा, “कुछ को छोड़कर, हम दोपहर 3 बजे तक तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं कर पाए हैं।”नेपाल ट्रेकिंग एजेंसीज़ एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सागर पांडे ने कहा कि तीर्थयात्रियों से संपर्क करने और उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाने की कोशिशें चल रही हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाके से काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक अब दिल्ली पहुंच गए हैं। ये सभी तमिलनाडु के रहने वाले हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, भारतीय राजदूत ने काठमांडू में इन लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। इसके अलावा त्रिशूली वन जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को भी बचा लिया गया है।विदेश मंत्रायल के अनुसार चीन की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक मौजूद हैं और वे सुरक्षित हैं। इनमें से कई लोग अपने परिवार के संपर्क में हैं। भारतीय दूतावास भी उनसे लगातार संपर्क कर रहा है। परिवारों ने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन के जरिए मदद मांगी है। इसके अनुसार दूतावास चीन के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और इन भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में ग्लेशियर फटने से हुई तबाही के बाद अब तिब्बती क्षेत्र में एक बड़ी झील के टूटने की सूचना ने चिंता बढ़ा दी है।चीन के तिब्बती क्षेत्र में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी झील के टूटने की सूचना सामने आई है। इसके बाद नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में फिर से तेज बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। नेपाल पुलिस ने लोगों से तत्काल सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है।उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष माधव प्रसाद अर्याल ने भोटेकोशी नदी में पहले जैसी बाढ़ आने की आशंका जताई है। उन्होंने स्थानीय लोगों से विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने और सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
