पेपर लीक-नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(NTA) के 47 अफसर बर्खास्त,कानूनी और क्रिमिनल एक्शन भी होगा….
पेपर लीक विवाद को लेकर नेशनल टेस्ट एजेंसी (NTA) में बड़ा बदलाव हुआ है। एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, आगे और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।एक दिन पहले शिक्षा सचिव को हटाया था।सरकार ने 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है। उन्होंने विनीत जोशी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।यह फैसला पेपर लीक विवाद के बाद एनटीए में किए जा रहे व्यापक सुधारों का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य एजेंसी की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाना है, ताकि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में छात्रों का भरोसा मजबूत हो सके।
सरकार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)के पूरे ढांचे को फिर से तैयार करने की योजना पर है।एक एक्सपर्ट्स कमेटी की सिफारिशों के आधार पर एजेंसी की आउटसोर्सिंग प्रोसेस में भी बदलाव किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, एक ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा जिसमें पेपर लीक होने की कोई गुंजाइश न हो।अगले एक महीने के अंदर इसके पूरे ढांचे को फिर से तैयार करने की योजना पर है।सूत्रों के मुताबिक, एग्जाम में बड़े सुधार लाने के लिए, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 47 अधिकारियों को उनकी सर्विस से टर्मिनेट कर दिया है।इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ लीगल और क्रिमिनल एक्शन भी लिए जाएंगे। अभी और सुधार के एक्शन लिए जाएंगें। यह NTA में पूरे बदलाव का हिस्सा है जो पेपर लीक को लेकर विवादों में रहा है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही है। खासकर 2026 नीट पेपर लीक के कथित मामले के बाद एजेंसी की परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग तेज हो गई। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन भी किया। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग उठाई। छात्रों के आंदोलन के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा। विभिन्न स्तरों पर यह कहा गया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए NTA की कार्यप्रणाली में बदलाव जरूरी है।
