भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया -किया करार,ऑस्ट्रेलियाई निवेशक भारत में 50 करोड़ डॉलर निवेश करेंगे…
प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं। इंडोनेशिया दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया पहुंचे पीएम मोदी का जमकर स्वागत हुआ है।जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई पीएम से मुलाकात की और इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सीईओ, बिजनेस लीडर्स, ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख निवेशक और अग्रणी विश्वविद्यालयों को कुलपति शामिल हुए। सीईओ फोरम के साथ ही पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज ने इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस इवेंट को भी संयुक्त रूप से संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की विकास गाथा के बारे में बताया और ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की।मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी।दोनों देशों ने ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन (PACTS) पार्टनरशिप शुरू करने पर सहमति जताई है। इसके तहत दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल रेजिलिएंस जैसे क्षेत्रों में एकसाथ रिसर्च करेंगे।मोदी ने 16 साल के बच्चों को सोशल मीडिया बैन करने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की तारीफ की। इसके बाद मेलबोर्न में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया।
ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड ऑस्ट्रेलियनसुपर ने गुरुवार को घोषणा की कि वे भारत के राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष में 50 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश करेंगे। पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियनसुपर की इस घोषणा का स्वागत किया। यह निवेश सात साल पहले एलान किए गए 24 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर निवेश से अलग होगा।पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों से भारत में स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, खनन, बुनियादी ढांचे के निर्माण, शहरी विकास, विमानन, रसद, उन्न प्रोद्योगिकी, एआई, फिनटेक, फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था में निवेश की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का विशाल आकार और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा “2022 में इकॉनोमिक कॉपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट से व्यापार का दायरा बहुत बढ़ा है। हम इनोवेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दिशा में लगातार सहयोग कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आज हमने एक अहम समझौता किया है, इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम सप्लाई का रास्ता खुलेगा और हमारे क्लीन एनर्जी के संकल्प को नई दिशा मिलेगी। यह हमारे क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को बल मिलेगा।” भारत अभी 4 देशों से यूरेनियम खरीदता है। ऑस्ट्रेलिया पांचवां है। यूरेनियम परमाणु उर्जा और बम दोनों के लिए जरूरी है।ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया का 28% प्रतिशत यूरेनियम भंडार है।वह न तो न्यूक्लियर पावर का इस्तेमाल करता है, न ही हथियार बनाता है। वह सारा यूरेनियम निर्यात कर देता है। इसके अलावा दोनों देश मिलकर हिंद महासागर में ऑस्ट्रेलिया के कोकोस कीलिंग द्वीप पर एक अस्थायी स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाएंगे। यह भारत के अंतरिक्ष उड़ान प्रोजेक्ट्स में मदद करेगा।
