राम मंदिर चढ़ावा चोरी-बैठक में बड़ा फैसला, चंपतराय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर,आभूषण चोरी पर ट्रस्ट का जवाब:- काकभुशुंडी, सोने की रामायण दिखाई, कहा- सभी वस्तुएं सुरक्षित….
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर कर लिया गया है। कृष्ण मोहन को चंपत राय की जगह अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने की।गोविंद देव गिरि ने ट्रस्ट की बैठक के बाद पत्रकार वार्ता की। जिसमें उन्होंने कहा, आरोप लगाए जाते हैं कि कई अन्य बेहतरीन चढ़ावे और दान की गई चीजें भी गायब हो गईं। हम आपको दिखाने के लिए इन सभी चीजों का रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर लाए हैं। हम उन सभी चीजों का विवरण पेश करेंगे जिनकी बात हो रही है।हम ये पांच खास चीजें, जिन पर चर्चा हो रही है, सिर्फ आपको नमूने के तौर पर दिखाने के लिए लाए हैं।
श्रीराम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर को दान में दिए गए आभूषण और बहुमूल्य धातुओं की चोरी के आरोपों को लेकर ट्रस्ट ने स्थिति साफ की। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा, हमारे पास 2800 वस्तुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित हैं। सभी वस्तुएं हमारे पास सुरक्षित हैं। चोरी के आरोपों के बाद चर्चा में आईं दान की वस्तुओं जैसे, स्वर्णांकित रामचरितमानस, काकभुशुंडी, भगवान का कंठा, चरण पादुकाओं को दिखाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी दानदाता को दान दी गई वस्तु को देखना है तो वह आकर और प्रमाण देकर उसे देख सकता है।ट्र्स्ट ने कहा, ‘फंड जुटाने के अभियान और कॉर्पस डोनेशन से मिली कुल ₹3,264 करोड़ की रकम में से ₹2,370 करोड़ का इस्तेमाल निर्माण और कैपिटल खर्च के लिए किया गया है। शुरुआत से लेकर 31 मार्च, 2026 तक कुल ₹582 करोड़ का चढ़ावा मिला, जिसमें से ₹391 करोड़ का इस्तेमाल ऑपरेशनल खर्चों के लिए किया गया। बाकी फंड बैंक खातों में मौजूद है।’
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने कहा, ‘ट्र्स्ट प्रबंधन की पद्धति और प्रणाली की कमजोरियों को दूर करने और सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। एसआईटी से अपेक्षित अनुशंसाओं से अतिरिक्त विशेषज्ञों से भी संवतंत्र परामर्श लेने का सुझाव दिया है, जिससे मंदिर प्रबंधन की एक आदर्श, कुशल और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित हो सके। कुछ लोग इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को श्रीरामलला मंदिर, हिंदू समाज और हिंदू आस्था को कमजोर करने के अवसर के रूप में उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं। आधारहीन आरोप जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य सच सामने लाना नहीं, बल्कि भ्रम फैलाना है।’हमने इस मकसद के लिए खास अधिकारियों को नियुक्त करने के लिए एक छोटी समिति बनाई है; हम इसी तरह काम को आगे बढ़ाएंगे। हम 22 तारीख को फिर से मिल रहे हैं। हमें उम्मीद है कि तब तक एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट हमें मिल जाएगी।
