‘यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म कराने में भारत मदद के लिए तैयार’विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान…
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन दिनों के यूक्रेन और पोलैंड के दौरे पर हैं। अपने दौरे के पहले चरण के तहत वह गुरुवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। यहां उन्होंने अपने समकक्ष और यूक्रेन के विदेश मंत्री के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभाना की भी बात कही।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कीव में यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा से मुलाकात के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत, कूटनीति और समझौते के जरिए ही संभव है। जयशंकर ने संकेत दिया कि रूस और यूक्रेन दोनों की सहमति होने पर भारत शांति प्रयासों में सहयोग करने, यहां तक कि मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए भी तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थायी और स्वीकार्य समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है।
जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो हम तैयार हैं।कीव में विदेश मंत्री ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा से मुलाकात के बाद प्रेस को संबोधित किया।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, ‘सबसे पहले मैं युद्ध के मुद्दे पर बात करना चाहूंगा, जो दुर्भाग्य से अब अपने पांचवें साल में है। भारत का हमेशा से यही मानना रहा है कि यह दौर युद्ध का नहीं है और समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकलेंगे।’ सिर्फ दो दिन पहले बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि अंतहीन युद्ध की जगह अब युद्ध की समाप्ति होनी चाहिए।उन्होंने यह भी बताया कि दोनों मंत्रियों के बीच ब्लैक सी यानी काला सागर में कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे हमले के बारे में भी बातचीत हुई।दोनों नेताओं के बातचीत में काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा, भारत-यूक्रेन व्यापार, AI, डिजिटल तकनीक, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया मुलाकात के बाद हो रहा है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा ने भारत के विदेश मंत्री की यात्रा को लेकर कहा कि यूक्रेन की यात्रा पर आने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री के तौर पर अपने भारतीय सहयोगी का कीव में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह ऐतिहासिक पल ऐसे समय में आया है, जब हमारे शहरों, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर रूस के हमले बढ़ रहे हैं। हमारी राजधानी लगातार हमलों का सामना कर रही है। मैं अपने सहयोगी की इस सहासी यात्रा की सराहना करता हूं।बातचीत के दौरान हमने ब्लैक सी में नेविगेशन को फ्री करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की जरूरत पर चर्चा की है।भारत एक वैश्विक शक्ति है।हम प्रधानमंत्री मोदी के उस अपील का स्वागत करते हैं, जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध से हटकर युद्ध को खत्म करने की दिशा में बढ़ने की बात कही है। यूक्रेन कूटनीति के लिए तैयार है।इसके अलाव यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग पर भी चर्चा की है।बुनियादी ढांचे और फार्मास्युटिकल सेक्टर से लेकर तकनीकी इनोवेशन और डिजिटलीकरण तक हम अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं।
फरवरी 2022 से जारी यूक्रेन और रूस के बीच जंग में अबतक 20 लाख सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की रिपोर्ट में बताया गया है कि रूसी सेना के कुल हताहत सैनिकों की संख्या ही 12 लाख तक पहुंच चुकी है।इनमें 5 लाख से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं। वहीं, यूक्रेन में यह आंकड़ा 5 से 6 लाख सैनिकों का है. इनमें से एक से डेढ़ लाख सैनिकों की मौत हो चुकी है। वहीं, यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध में अबतक 16 हजार से अधिक नागरिकों की जान जा चुकी है। साथ ही 46,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
