PM मोदी के आमंत्रण पर म्यांमार के राष्ट्रपति 30 मई से भारत दौरे पर,कल आएंगे महाबोधि मंदिर बोधगया शहर में 6 घंटे रहेंगे,PM मोदी से भी करेंगे मुलाकात….
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि म्यांमार के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग 30 मई से 3 जून 2026 तक भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा राष्ट्रपति मिन की मौजूदा पद पर भारत की पहली यात्रा होगी। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आएगा।इस दौरान व्यापार और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। दिसंबर से जनवरी तक पड़ोसी देश में हुए संसदीय चुनाव के बाद म्यांमार से भारत की यह पहली हाईलेवल यात्रा है। म्यांमार के राष्ट्रपति को एक जून को इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आना था। शिखर सम्मेलन स्थगित होने के कारण उनकी यात्रा फिर से निर्धारित की गई।
म्यांमार के राष्ट्रपति के शनिवार को बोधगया दौरे पर रहेंगे। उनके दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही में बदलाव किया है। वहीं गया एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की ओर से मॉक ड्रिल कर सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की गई।जिला प्रशासन के अनुसार, शनिवार को शाम चार बजे तक एयरपोर्ट से पहले पांच नंबर गेट, हवाई अड्डा, टेकुना फार्म, दोमुहान, नोड वन, महाबोधि मंदिर, पचहट्टी और बकरौर स्थित मतंगवापी के सुजाता मंदिर तक जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों के आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। हालांकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।इसके अलावा नोड वन से वेलकम होटल और महाबोधि मेडिटेशन सेंटर तक भी आम वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इस मार्ग पर सिर्फ इमरजेंसी सेवा से जुड़े वाहन ही चल सकेंगे। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि बिना जरूरी काम के प्रतिबंधित रूट पर जाने से बचें।
इसके बाद 1 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेताओं के बीच भारत-म्यांमार संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग, व्यापार, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है।राष्ट्रपति एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे, जहां दोनों देशों के उद्योग और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। अपने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 2 जून को मुंबई भी जाएंगे, जहां वे उद्योग एवं व्यापार से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ विभिन्न संस्थानों का दौरा करेंगे।
भारत सरकार के अनुसार म्यांमार, भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और महासागर नीति का महत्वपूर्ण साझेदार देश है।भारत और म्यांमार के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध हैं। म्यांमार भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है। इसके साथ ही भारत म्यांमार के साथ 1643 KM लंबी जमीनी बॉर्डर और बंगाल की खाड़ी में समुद्री बॉर्डर साझा करता है। ऐसे में इस उच्चस्तरीय दौरे से दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
