BJP से जुदा हुईं अन्नामलाई की राहें,अगला चुनाव लड़ने का ऐलान; कहा- मतभेद थे, आलाकमान ने चुनाव तक रुकने को कहा था…
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है… अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज में अन्नामलाई ने कहा कि आज हम एक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। हमारी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु में 2031 में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।मेरे लिए यह तय करना बहुत मुश्किल था कि मैं बीजेपी का सदस्य रहूं या तमिल लोगों से जुड़ा रहूं। मैंने 4 दिसंबर 2025 को पार्टी को बताया कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। पार्टी ने मुझसे कहा कि पहले चुनाव हो जाने दें, फिर जाएं।अपने संबोधन में अन्नामलाई ने कहा कि वे जल्द ही एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करेंगे, जो आम जनता और युवाओं को केंद्र में रखकर काम करेगा।उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य राजनीति को आम लोगों तक पहुंचाना और “स्थायी नेताओं” की संस्कृति को खत्म करना है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि उनका संगठन भविष्य में तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव भी लड़ेगा।
अन्नामलाई ने 25 अगस्त 2020 को BJP जॉइन की थी। उस समय वे कर्नाटक कैडर के पूर्व IPS अधिकारी थे। पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद तमिलनाडु BJP का उपाध्यक्ष बनाया गया था।2021 को उन्हें तमिलनाडु BJP का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अप्रैल 2025 तक इस पद पर रहे। तमिलनाडु में BJP के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का अभियान चलाया।एन मन्न, एन मक्कल (मेरी धरती, मेरे लोग) यात्रा निकाली, जिसके जरिए राज्यभर में जनसंपर्क किया। 2021 विधानसभा चुनाव में अरवाकुरिची सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।DMK सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लगातार उठाया। 2024 लोकसभा चुनाव में कोयंबटूर सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
इस इस्तीफे के साथ ही उन्होंने नए ‘राजनीतिक आंदोलन’ की शुरुआत की है। उन्होंने ‘वी द लीडर्स फाउंडेशन’ के तहत लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और युवा नेतृत्व जैसे मुद्दों पर जुड़ने का आह्वान किया।
6.3 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता शामिल
अन्नामलाई ने X पर पोस्ट कर कहा, ‘आइए आगे बढ़ें, कार्रवाई करें और बदलाव लाएं। हमारे राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने के लिए यहां जुड़ें!’ लॉन्च होते ही इस आंदोलन में भारी उत्साह देखने को मिला।महज चार घंटे में 50 से अधिक जमीनी स्तर के नेता और 6.3 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता इसमें शामिल हो गए। फाउंडेशन की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया कि वे ‘सचेत नेतृत्व, सामुदायिक सहभागिता और डेटा-आधारित निर्णय लेने’ वाले शासन मॉडल में विश्वास रखते हैं।
