गाजियाबाद में निर्माणाधीन मॉल में 7 साल की बच्ची से दरिंदगी,तलाशते रहे लोग, मिला बेजान शरीर…
राजनगर एक्सटेंशन के निर्माणाधीन माल में सात साल की मासूम बच्ची के लापता होने के बाद करीब 100 लाेागों ने पांच घंटे सर्च अभियान चलाया। इसके बाद शुक्रवार देर रात करीब एक बजे बच्ची का शव बेसमेंट में सीढ़ियों के पास लहुलूहान हालत में बरामद हुआ।राजनगर एक्सटेंशन में जिस निर्माणाधीन माल में बच्ची का शव बरामद हुआ है। उसका निर्माण तेजी से हो रहा है। माल में काम करने वाले कामगार पास में ही झुग्गी डालकर रहते हैं। करीब 150 लोग इन झुग्गियों में रह रहे हैं।गाजियाबाद में चार एकड़ में फैले निर्माणाधीन मॉल के गेट व बाहरी हिस्से में लगे सीसीटीवी कैमरों और भीतर के दृश्यों ने खौफनाक वारदात की पूरी कहानी सामने ला दी। फॉरेंसिक टीम की जांच में निर्माणाधीन बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में कई जगह खून के निशान मिले हैं। कमरे के फर्श पर बिखरी रेत में मिले खून के धब्बे वारदात की भयावहता बयां कर रहे थे। मौके से बच्ची की खून से सनी स्कर्ट, चप्पल, चिप्स का खाली पैकेट और कोल्ड ड्रिंक की बोतल बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात दो आरोपी मासूम की चिप्स व कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर निर्माणाधीन मॉल में ले गए। वहां तीसरी मंजिल पर दुष्कर्म किया, फिर राज खुलने के डर से हत्या कर नीचे फेंक दिया। बच्ची का लहूलुहान शव मॉल के तीसरे बेसमेंट में मिला। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक बिहार के अररिया का शहाबुद्दीन है, जबकि दूसरा नाबालिग है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया है।कार्यवाहक एसीपी ने बताया, बिहार के नालंदा का परिवार यहां रहकर मजदूरी करता है। इन दिनों परिवार झुग्गी से कुछ दूर राजनगर एक्सटेंशन स्थित निर्माणाधीन मॉल में काम कर रहा है। शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी बेटी लापता हो गई। दो घंटे तक तलाश करने के बाद भी बच्ची नहीं मिली, तो थाने में सूचना दी। बच्ची के परिजन व अन्य मजदूर उसे तलाशते हुए निर्माणाधीन मॉल में पहुंचे। वहां रात करीब साढ़े 12 बजे बेसमेंट के तीसरे तल पर सीढ़ियों के पास खून से लथपथ शव मिला। पुलिस ने इस मामले में अपहरण, गैंगरेप, मर्डर, POCSO एक्ट में FIR दर्ज कर ली है।
