कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को अब तक 8 गोल्ड सहित 30 मेडल,भारत अब छठे स्थान पर…
भारतीय खेलों के लिहाज से आज का दिन काफी अहम है क्योंकि ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में आज भारत की झोली में गोल्ड मेडल की बारिश हो रही है। ये बारिश देश के मुक्केबाज कर रहे हैं। दरअसल, भारत के 10 मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई है।इनमें सबसे बड़े नाम ओलंपिक पदक विजेता महिला मुक्केबाज लवलिना बोरगोहेन का है। मुक्केबाजी में 10 पदक तय हैं। बस इंतजार इस बात का है कि यह पदक रजत होगा या स्वर्ण।मुक्केबाजों के अलावा जूडो में भी आज भारत की झोली में मेडल आ सकते हैं। जूडो में भारत के चार खिलाड़ी आज मेडल जीतने उतरेंगे।भारत ने अब तक कुल 30 मेडल जीते हैं, जिनमें 8 गोल्ड, 15 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया 137 मेडल के साथ लिस्ट में सबसे ऊपर है, जबकि इंग्लैंड 87 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने आठवां गोल्ड मेडल जीत लिया है। जैस्मिन लांबोरिया ने विमेंस बॉक्सिंग की 57 KG, प्रीति पवार ने 54 KG कैटेगरी और सोमन राणा ने पैरा शॉटपुट की F57 कैटेगरी में गोल्ड जीता। वहीं, मेंस 55 KG कैटेगरी में जादुमणि सिंह को सिल्वर मिला। वे ऑस्ट्रेलिया के जाई डिकस्न से फाइनल हार गए।जैस्मिन ने फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकाएला वॉल्स और प्रीति ने कनाडा की सवाना डोलमागो को हराया। इसके साथ ही भारत के 8 गोल्ड सहित कुल 30 मेडल हो गए हैं। भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया है।वहीं, भारत के 7 और मुक्केबाज गोल्ड मेडल के लिए फाइनल में उतरेंगे। रात 9 बजे साक्षी चौधरी (51 KG), 9:15 बजे प्रिया घंघास (60 KG), 9:30 बजे अरुंधति चौधरी (70 KG), 10:15 बजे लवलीना बोरगोहेन (75 KG), 10:45 बजे सचिन सिवाच (60 KG), 11:15 बजे अंकुश पंघाल (80 KG) और 11:45 बजे नरेंद्र बरवाल (90+ KG) अपने-अपने फाइनल मुकाबले खेलेंगे।
सोमन राणा ने मेंस शॉट पुट F57 मुकाबले में शानदार थ्रो के साथ गोल्ड अपने नाम किया। वहीं इसी स्पर्धा में सिल्वर भी भारतीय खिलाड़ी ने ही जीता। शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल जीता और ब्रोंज कैमरून के सेड्रिक इड्रिस लेकेजो आजमदजी ने जीता। सोमन की कहानी इमोशनल और इंस्पायरिंग है, जिन्होंने एक ब्लास्ट में अपना पैर गंवा दिया था।सोमन राणा ने इतिहास रचा है। ये जीत इसलिए खास है क्योंकि मेंस शॉट पुट F57 में भारत के लिए पहली बार किसी ने गोल्ड मेडल जीता है। पहली बार हुआ है जब इस गेम में भारत के 2 खिलाड़ियों ने मेडल जीते हैं।सोमन राणा ने 13.40 मीटर गोला फेंका। शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर थ्रो किया। F-57 कैटेगरी में वे खिलाड़ी आते हैं, जिनके कम के नीचे के अंग (पैरों) कमजोर होते हैं। लेकिन उनके ऊपरी शरीर (धड़ और हाथ) की ताकत पूरी तरह सामान्य होती है।
सिल्वर मेडल, नीरज चोपड़ा का पीछा नहीं छोड़ रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा है। उन्हें हराने वाला श्रीलंका के एक पूर्व तेज गेंदबाज है।यह कारनामा श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिरागे ने किया है।नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर दूर भाला फेंक सिल्वर मेडल जीता, जबकि श्रीलंका के पाथिरागे का भाला 89.75 मीटर दूर जाकर गिरा और उन्होंने गोल्ड मेडल सुनिश्चित किया। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि ब्रॉन्ज मेडल भी उसी के खाते में आया, क्योंकि 85.41 मीटर की दूरी माप कर यशवीर सिंह नए तीसरा स्थान हासिल किया।
