एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट टर्बुलेंस में फंसी, 15 यात्री घायल,किसी का फटा सिर, किसी के कान पैर-कंधे में चोट…
एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान एआई-2379 मंगलवार को दिल्ली पहुंचने से पहले अचानक तेज टर्बुलेंस (हवाई झटकों) की चपेट में आ गई।अचानक 300 फीट तक नीचे आ गई।हालांकि, पायलट ने स्थिति संभाली और फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुबह 11:30 बजे सुरक्षित उतार लिया। प्लेन में 134 यात्री और 8 क्रू मेंबर्स सवार थे।134 यात्रियों के साथ उड़ान भर रहे एयरबस ए320 विमान में यह घटना दिल्ली में लैंडिंग से कुछ समय पहले या क्रूज चरण (टेक-ऑफ के पूरे होने के बाद और नीचे उतरने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले का समय होता है।) के दौरान हुई, जिससे अचानक विमान की ऊंचाई में एकाएक गिरावट आ गई।यात्रियों के अनुसार हवा में यह हलचल लगभग दो से तीन मिनट तक बनी रही।
डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (DGCA) के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि घटना में 11 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स समेत 15 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कुछ को दिल्ली एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर और 7 घायलों को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।एअर इंडिया ने पहले बताया था कि सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं। किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है।एक यात्री ने बताया, ‘फ्लाइट को उड़े हुए डेढ़ घंटा हो चुका था।सुबह का समय था। हम फ्लाइट के अंदर सो रहे थे। चलते-चलते फ्लाइट अचानक रुकी और मुड़ गई। यह 2-3 मिनट तक ऐसे ही चलती रही। 15-20 यात्री घायल हो गए।यात्री ने बताया कि फ्लाइट पूरी घूम गई। इससे यात्रियों को गंभीर चोट आई है।कान का पर्दा भी फट गया है।इसके अलावा किसी का कंधे में चोट आई है।किसी का सिर फट गया। फ्लाइट की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें उसकी सीलिंग के पैनल में दरारें दिखीं।
जानकारी के मुताबिक, फोर्टिस वसंतकुंज में 7, स्पाइनल इंजरी सेंटर में 2 और मेदांता में 4 लोगों को एडमिट किया गया है।वसंत कुंज के फोर्टिस अस्पताल का कहना है, ‘ताजा जानकारी के अनुसार 7 यात्री फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढाल पहुंचे हैं। उन्हें इमरजेंसी डिपार्टमेंट में एडमिट किया गया है। अस्पताल पहुंचते ही सभी मरीजों की तुरंत जांच की गई। बिना किसी देरी के इलाज शुरू कर दिया गया है। मरीजों की हालत स्थिर होने के बाद अस्पताल की तरफ से बेहतर तालमेल और संसाधनों के सही इस्तेमाल के लिए कोड येलो लागू किया गया है।’अस्पताल का कहना है, ‘हालत स्थिर होने के बाद मरीजों को जरूरी रेडियोलॉजिकल जांच के लिए भेजा जाएगा।अब उन्हें आगे की निगरानी और इलाज के लिए उनके संबंधित इनपेशेंट कमरों में भेजा जा रहा है। अस्पताल में एयर इंडिया की एक खास कॉर्डिनेशन टीम भी है।
एयर इंडिया ने कहा कि घटना की जांच के लिए संबंधित विमानन अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगी। गौरतलब है कि मानसून के दौरान बादलों की सक्रियता और प्रतिकूल मौसम के कारण टर्बुलेंस की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जाती है। विमानन विशेषज्ञ ऐसे मौसम में यात्रियों को पूरी उड़ान के दौरान सीट बेल्ट बांधे रखने और केबिन क्रू के निर्देशों का पालन करने की सलाह देते हैं।
