ममता बनर्जी की पार्टी का नाम ‘ममता टीएमसी’,बागी गुट ‘डेमोक्रेटिक टीएमसी’ कहलाएगा,चुनाव चिह्न आवंटित…
बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से 18 दिन पहले चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं।इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ वाला मूल चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया था। यह अंतरिम व्यवस्था है। मूल नाम और चिह्न पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।चुनाव आयोग ने मूल तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके चुनाव चिह्न पर रोक लगाने के बाद, अब दोनों गुटों को नई आधिकारिक पहचान सौंप दी है।ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न मिला है, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ दिया गया है।
इन नए नामों और चुनाव चिह्नों के आधिकारिक रूप से लागू होने के साथ ही, दोनों गुटों ने एक बड़ी प्रशासनिक बाधा पार कर ली है। अब वे आगामी उपचुनावों के लिए अपने उम्मीदवार उतार सकते हैं, जबकि असली पार्टी की विरासत को लेकर अंतिम विवाद अभी भी जारी है।चुनाव आयोग का मकसद आगामी नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों से पहले दोनों गुटों को समान स्थिति में रखना था, जिसके चलते दोनों पक्षों को मूल नाम और सिंबल के इस्तेमाल से रोक दिया गया था।अब दोनों गुट उपचुनाव में नई पार्टी नाम और सिंबल से चुनाव लड़ेंगे। नंदीग्राम और रेजीनगर पर 6 अक्टूबर को वोटिंग हैं और रिजल्ट 9 अक्टूबर को आएगा।
चुनाव आयोग के फैसले पर ममता ने कहा- EC मेरी पार्टी का वह चुनाव चिह्न कैसे फ्रीज कर सकता है जो 28 साल से हमारे पास है। ना तो हम सिर झुकाएंगे और ना ही हार मानेंगे; हम लड़ेंगे और वापसी करेंगे।TMC के बागी BJP की ‘A-टीम’ हैं; जो लोग हमारे चुनाव चिह्न पर चुने गए थे, वे ही अब इसे चुनौती दे रहे हैं।ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC धड़े से मोहम्मद एतेशामुल हक नंदीग्राम और सफीउद्दीन शेख रेजीनगर से चुनाव लड़ेंगे।वहीं, पूर्व सीएम ममता बनर्जी की TMC ने रविवार को नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि संचिता ने शुक्रवार को अपना नाम वापस ले लिया।संचिता ने इससे पहले बंगाल सीएम शुभेंदु से मुलाकात की थी।इसके बाद ममता ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की बात कही। पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने दावा किया कि इसके 2 घंटे बाद बंगाल पुलिस ने मिलन को एक पुराने केस में अरेस्ट कर लिया।नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खाली की थी। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई।
