पाकिस्तानी नेवी शिप PNS हुनैन अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से टकराया….
पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकरा गया। घटना मंगलवार शाम 7.10 PM की है। इससे पहले 2011 में भी दोनों देशों के जहाजों में टक्कर हुई थी।2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर के बीच भी टक्कर हुई थी।भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और गलत दिशा में मुड़ गया, जिससे दोनों जहाज टकरा गए।ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तानी जहाज का नाम PNS हुनैन है। इसे समुद्री निगरानी और गश्त के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पाकिस्तानी नौसेना और भारतीय नौसेना के जहाज के बीच हुई इस टक्कर में भारतीय वॉरशिप के अनुसार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। लेकिन पीएनएस हुनैन को गंभीर नुकसान पहुँचा और वह बंदरगाह वापस लौट गया।भारतीय कप्तान ने संयम बरता और बड़े हादसे को रोका। भारत ने इस घटना को गंभीरता से लिया और नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को विदेश मंत्रालय बुलाया गया और इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया।पाकिस्तानी जहाज की टक्कर के बाद भारत ने पाकिस्तान पर 1991 के इस समझौते की धारा 10 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।विदेश मंत्रालय ने समुद्र में पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के इस व्यवहार को पूरी तरह से अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर करार दिया है।
विदेश मंत्रालय ने समुद्र में पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के इस व्यवहार को पूरी तरह से अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर करार दिया है।पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर स्पष्ट तौर पर कहा गया कि वे सैन्य इकाइयों के संबंधित अफसरों को समुद्र में संचालन के दौरान सावधानी बरतने के लिए कहें।पाकिस्तान से कहा गया कि उसकी सैन्य इकाइयां दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों का सम्मान करें और उनके प्रावधानों का ढंग से पालन करें।इसी के साथ भारत ने पाकिस्तान को भविष्य में इस तरह की खतरनाक घटनाओं की दोबारा होने से रोकने का भी स्पष्ट संदेश दिया।केंद्र ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय कार्यवाहक राजदूत को निर्देश दिया कि वे पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने मामले में औपचारिक और कड़ा विरोध दर्ज कराएं।
भारत सरकार ने पाकिस्तान को अप्रैल 1991 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते की याद दिलाई है, जिसके तहत अरब सागर में दोनों देशों को किसी भी तरह के सैन्य अभ्यास, गतिविधि या सैन्य बेड़े की तैनाती को लेकर पहले से जानकारी देनी होती है की याद दिलाई है और इसका पालन करने के लिए कहा गया है। इसे एग्रीमेंट ऑन एडवांस नोटिस ऑफ मिलिट्री एक्सरसाइज, मैन्युअर्स एंड ट्रूप मूवमेंट्स (Agreement on Advance Notice of Military Exercises, Manoeuvres and Troop Movements) के अनुच्छेद 10 की याद दिलाई है।
समझौते के अनुच्छेद 10 के मुताबिक, जब भारत और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाज या पनडुब्बियां अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में तैनात हों, तो उन्हें दुर्घटनाओं से बचने के लिए एक-दूसरे से कम से कम 3 समुद्री मील (लगभग 5.56 किलोमीटर) की सुरक्षित दूरी बनाए रखनी अनिवार्य है।इस प्रावधान को दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने और समुद्र में एक-दूसरे की सैन्य गतिविधियों का गलत अर्थ या गलतफहमी निकालने से रोकने के लिए शामिल किया गया था।गौरतलब है कि 15 सितंबर की घटना में पाकिस्तानी नौसैनिक पोत पीएनएस हुनैन ने तीन समुद्री मील के इस बफर ज़ोन का उल्लंघन करते हुए तेज गति से भारतीय युद्धपोत के बेहद करीब आकर असुरक्षित पैंतरेबाजी की, जिससे दोनों पोत आपस में टकरा गए।
पीएनएस हुनैन क्या है?
पीएनएस हुनैन (एफ-273) पाकिस्तान नौसेना का यारमूक क्लास बैच-2 ऑफशोर पेट्रोल कॉर्वेट है। इसे रोमानिया के डेमन शिपयार्ड्स में बनाया गया। ये जुलाई 2024 में सेना में शामिल हुआ। यारमूक क्लास डच कंपनी डेमन के ओपीवी डिजाइन पर आधारित है।इसकी लंबाई लगभग 98 मीटर (322 फीट) है। हुनैन, पाकिस्तान के ‘यारमुक-क्लास’ गश्ती पोत प्रोग्राम का तीसरा जहाज है।इससे पहले के दो जहाज PNS यारमुक और PNS तबूक छोटे ‘OPV 2300’ डिजाइन पर बने थे, जो PNS हुनैन से लगभग 5 मीटर छोटे और 600 टन हल्के हैं।
ताकत और तकनीक के मामले में, यह जहाज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, हवा और समुद्र में जहाजों पर हमले से निपटने की क्षमता, आधुनिक सेंसर, सेल्फ-प्रोटेक्शन और टर्मिनल डिफेंस सिस्टम से लैस है। इसके हथियारों में 30-मिमी और 12.7-मिमी के रिमोट वेपन स्टेशन, सतह से सतह पर मार करने वाले मिसाइल लॉन्चर और 20-मिमी का क्लोज-इन वेपन सिस्टम शामिल हैं। समुद्र में सुरक्षा और निगरानी मिशन के लिए यह जहाज स्पीडबोट्स ले जाने के अलावा एक हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी संभाल सकता है।इस जहाज की फ्यूल कैपेसिटी करीब 300 क्यूबिक मीटर है और यह चार कैटरपिलर डीजल इंजनों से चलता है। इसमें 450-किलोवाट का बो थ्रस्टर और दो प्रोपेलर भी लगे हैं। 60 क्रू मेंबर्स की क्षमता वाले इस जहाज की टॉप स्पीड लगभग 22 नॉटिकल मील (41 किमी/घंटा) है।यह एक बार में करीब 6,000 नॉटिकल मील (11,112 किमी) की दूरी तय कर सकता है और बिना रुके लगातार 40 दिनों तक समुद्र में तैनात रह सकता है।
