पहली बार अंतरिक्ष में पहुंचा दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप ,26 सैटेलाइट भी किए लॉन्च ,10 के बजाय अब 3 घंटे में ही लौटेगा…
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने सोमवार को टेक्सास के स्टारबेस से अपने विशाल स्टारशिप-सुपर हेवी रॉकेट को लॉन्च किया। यह स्टारशिप की 14वीं परीक्षण उड़ान है और मिशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंचा। इस मिशन में 26 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट भी अंतरिक्ष में तैनात किए गए हैं। भारतीय समयानुसार शाम 6:16 बजे इस रॉकेट को लॉन्च किया गया था।यह इस समय स्पेस कंपनी के स्पेसक्राफ्ट प्लान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।407 फीट लंबा यह रॉकेट दक्षिणी टेक्सस में SpaceX के लॉन्ट साइट से उड़ा और अपनी हालिया टेस्ट फ्लाइट के दौरान कक्षा में पहुंच गया।इस मिशन का मकसद स्टारशिप को लगभग 10 घंटों में पृथ्वी के छह चक्कर लगवाना था। यह लगभग 170 मील यानी 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ने वाला था और इसके बाद स्टारशिप के प्रशांत महासागर में चिली के पश्चिमी तट के पास स्प्लैशडाउन करने की योजना है। यह उड़ान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे स्टारशिप को पूरी तरह और तेजी से दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले अंतरिक्षयान के रूप में विकसित करने के अगले चरण की शुरुआत होगी।स्पेसएक्स स्टारशिप को भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए महत्वपूर्ण सिस्टम के तौर पर देखती है। कंपनी का लक्ष्य इसे पूरी तरह पुन: उपयोग योग्य बनाना है, ताकि अंतरिक्ष तक पहुंच की लागत और लॉन्च प्रक्रिया को बदला जा सके।
इसकेतहत उड़ान भरने के लगभग 2 घंटे 12 मिनट बाद रॉकेट का डीऑर्बिट बर्न पूरा किया, और अब मिशन शुरू होने के तीसरे घंटे के आसपास इसे प्रशांत महासागर में उतारा जाएगा।भारतीय समयानुसार शाम 6:16 बजे इस रॉकेट को लॉन्च किया गया था। इस उड़ान से पहली बार नई तकनीक वाले 26 ‘स्टारलिंक V3’ सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे गए। इनसे पूरी दुनिया में इंटरनेट की स्पीड और नेटवर्क काफी बेहतर हो जाएगा।इस नए मॉडल का सिर्फ एक सैटेलाइट ही नेटवर्क में 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की डेटा क्षमता जोड़ देगा, यानी इस अकेले मिशन से कुल 26 Tbps की क्षमता जुड़ जाएगी, जो कि फॉल्कन 9 रॉकेट से भेजे जाने वाले छोटे सैटेलाइट्स के मुकाबले लगभग 10 गुना ज्यादा है।
