सेंगोल बनाने वाले 99 साल के वुम्मिदी एथिराजुलु का निधन,पीएम मोदी ने 2023 में नए संसद भवन में सेंगोल को किया था स्थापित…
भारत की आजादी के समय ऐतिहासिक सेंगोल के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले वुम्मिदी एथिराजुलु का निधन हो गया है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शोक व्यक्त किया है।वे 99 साल के थे।सेंगोल भारत की सभ्यतागत विरासत, न्यायपूर्ण शासन और आजादी की दहलीज पर सत्ता के हस्तांतरण का एक कालातीत प्रतीक है।
यह सेंगोल 1947 में देश की आजादी के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को सौंपा गया था।आजादी के बाद सेंगोल प्रयागराज के इलाहाबाद म्यूजियम की नेहरू गैलरी में रखा गया था। वहां इसकी पहचान नेहरू को उपहार में मिली सुनहरी छड़ी के रूप में दर्ज थी।2018 तक एथिराज का परिवार भी सेंगोल से अनजान रहा। उन्हें एक आर्टिकल से इसके बारे में जानकरी मिली।28 मई 2023 को पीएम मोदी ने नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान सेंगोल को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया।
सरकार के 2023 के विवरण के अनुसार, आजादी के समय सी. राजगोपालाचारी की पहल पर तमिल मठ से सेंगोल तैयार करवाया गया था। मठ के प्रतिनिधि इसे लेकर दिल्ली पहुंचे।14 अगस्त 1947 की रात जवाहरलाल नेहरू के आवास पर एक धार्मिक समारोह हुआ। तमिलनाडु से आए संतों ने नेहरू को पवित्र जल से आशीर्वाद दिया और सेंगोल सौंपा।इस समारोह का उल्लेख 25 अगस्त 1947 की टाइम्स पत्रिका और फ्रीडम एट मिडनाइट बुक में भी मिलता है। हालांकि, माउंटबेटन द्वारा सेंगोल सौंपने और वापस लेने की कहानी तथा इसे सत्ता हस्तांतरण का आधिकारिक प्रतीक बनाने के दावे का पुख्ता सबूत नहीं है।
2018 में एक तमिल पत्रिका में सेंगोल के बारे में लेख प्रकाशित हुआ। इसे पढ़कर वुम्मिडी परिवार की नई पीढ़ी को पता चला कि उनके पूर्वजों ने इस ऐतिहासिक राजदंड को बनाया था। मतलब 71 साल तक परिवार भी सेंगोल के बारे में अनजान रहा।2019 के आसपास उन्हें पता चला कि इससे मिलता-जुलता राजदंड इलाहाबाद म्यूजियम में है। परिवार के प्रतिनिधि अरुण कुमार ने म्यूजियम जाकर इसकी जांच की। राजदंड पर तमिल अक्षर और नंदी की आकृति देखकर परिवार ने इसकी पहचान की पुष्टि की।एथिराज को भी नंदी का डिजाइन देखकर इसकी कारीगरी से जुड़ी कुछ पुरानी बातें याद आईं।पीएम मोदी ने 2023 में जब नए संसद भवन में सेंगोल को स्थापित किया था। पीएम ने एथिराज को सम्मानित भी किया था।एथिराज भी 2023 के समारोह में शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे मुलाकात कर उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया था।
पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “तिरु वुम्मिदी एथिराजुलु के निधन से गहरा दुख हुआ। तमिलनाडु के एक प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले एथिराजुलु को उनके द्वारा पूर्व पीएम नेहरू को भेंट किए गए ऐतिहासिक सेंगोल के लिए याद किया जाएगा। कई साल बाद 2023 में केंद्र सरकार को नए संसद भवन में सेंगोल को गौरव का स्थान देने का सम्मान मिला। उस दौरान मुझे तिरु वुम्मिदी एथिराजुलु से मिलने और राष्ट्र और संस्कृति के लिए उन्होंने जो किया है, उसके लिए आभार व्यक्त करने का सम्मान मिला।उनका जीवन और शिल्प कौशल भारत की गौरवशाली परंपराओं और हमारी राष्ट्रीय यात्रा के बीच एक उल्लेखनीय संबंध का प्रतिनिधित्व करता है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। ओम शांति।”
