आम आदमी पार्टी संसदीय दल में बड़ी फूट: राघव चड्ढा का एलान- भाजपा में शामिल होंगे, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह सहित 7 सांसद BJP में होंगे शामिल….
आम आदमी पार्टी में बड़ी फूट पड़ गई है. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha LIVE), संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालिवाल, राजेंद्र गुप्ता पार्टी छोड़ रहे हैं। दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में एक प्रेस वार्ता की। राघव चड्ढा ने राज्य सभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्वाति मालीवाल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल होंगी।
सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है। अब यह पार्टी राष्ट्र के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी लाभ के लिए काम करती है। पिछले कुछ वर्षों से मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूँ। इसलिए, आज हम घोषणा करते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी से अलग हो रहा हूँ और जनता के करीब आ रहा हूं।संदीप पाठक ने इस दौरान कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था ये स्थिति आएगी, और ये आ गई। मैं किसान परिवार से आया फिर पढ़ाई लिखाई की। मैं राजनीति में सिर्फ इस मकसद से आया कि देश के लिए कुछ बड़ा कर सकूं। देश सेवा के मकसद से ही आम आदमी पार्टी में जुड़ा था।
राघव चड्डा ने प्रेस कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में आने से पहले मैं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) था। मेरे साथ इस मंच पर विभिन्न क्षेत्रों के लोग थे, जिनमें कुछ वैज्ञानिक और कुछ शिक्षाविद भी थे। आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तरीय क्रिकेटर, पद्म श्री पुरस्कार विजेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इन सभी लोगों ने सब कुछ त्याग दिया और भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के संकल्प के साथ इस पार्टी की स्थापना की।
भारत के एंटी डिफेक्शन लॉ, यानी संविधान की दसवीं अनुसूची के मुताबिक, अगर किसी पार्टी में टूट को वैध मान्यता देनी है और अयोग्यता (डिसक्वालिफिकेशन) से बचना है, तो उस दल के कम-से-कम दो-तिहाई सांसदों का एक साथ अलग होना जरूरी होता है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सदस्य हैं, ऐसे में कम से कम 7 सांसदों का एक साथ समर्थन राघव चड्ढा को चाहिए होगा। तभी यह टूट कानूनी रूप से मान्य मानी जाएगी और वह बिना सदस्यता गंवाए बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। यानी कुल मिलाकर करीब 70 फीसदी राज्यसभा सांसदों का साथ आना जरूरी है, तभी दल-बदल कानून के तहत यह कदम सुरक्षित रहेगा।
आम आदमी पार्टी की पहली प्रतिक्रिया
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी का ऑपरेशन लोटस राजनीति का बेहद घटिया खेल है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भगवंत मान सरकार के अच्छे कामों को रोकने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, बीजेपी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह मिलकर काम करने वाली आम आदमी पार्टी को बाधित कर रहे हैं और यह पंजाब की जनता के साथ धोखा है।
