इंडोनेशिया में 243 यात्रियों वाला जहाज डूबा,107 लोगों को बचाया गया,सर्च ऑपरेशन जारी…
इंडोनेशिया में 243 लोगों को लेकर जा रहा एक यात्री जहाज रविवार को डूब गया। इसमें 1 की मौत हुई है।हादसे के बाद करीब 130 यात्री और क्रू मेंबर लापता बताए जा रहे हैं। रेस्क्यू टीम ने अलग-अलग जहाजों की मदद से 107 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है।अधिकारियों के मुताबिक, विर्गो ट्रांसपोर्ट 8 नाम का जहाज पूर्वी जावा से दक्षिण कालीमंतन प्रांत की ओर जा रहा था। इसी दौरान जावा सागर में जहाज से संपर्क टूट गया। जहाज के खराब मौसम की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जहाज की आखिरी ज्ञात स्थिति जावा सागर में बंजारमासिन के एक पियर से करीब 148 किलोमीटर यानी 92 मील दूर थी। जहाज के मैनिफेस्ट के मुताबिक, उसमें 241 यात्री सवार थे।रेस्क्यू टीम ने जहाज की आखिरी लोकेशन की ओर कई जहाज और एक हेलिकॉप्टर भेजा है।तलाश अभियान का नेतृत्व कर रहे सुदायना ने कहा कि जहाज में बड़ी संख्या में यात्री और चालक दल के सदस्य सवार होने के कारण सभी उपलब्ध कर्मियों और संसाधनों को अभियान में लगाया जा रहा है।
इंडोनेशिया में जहाज डूबने के कई बड़े हादसे हो चुके हैं। 1981 में तंपोमास-2 नाम का यात्री जहाज जावा सागर में डूब गया था। इसमें करीब 430 लोगों की मौत हुई थी।2006 में सेनोपाती नुसंतारा नाम की यात्री फेरी खराब मौसम के दौरान जावा सागर में डूब गई थी। हादसे में 400 से ज्यादा लोग मारे गए या लापता हुए थे।2007 में लेविना-1 फेरी में आग लगने के बाद डूब गई थी, जिसमें 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। 2018 में लेस्तारी माजू फेरी दक्षिण सुलावेसी के पास डूब गई थी। इसमें 36 लोगों की जान गई थी।
इंडोनेशिया में 17 हजार से ज्यादा द्वीप हैं और करीब 28 करोड़ की आबादी का बड़ा हिस्सा अलग-अलग द्वीपों पर रहता है। कई शहरों और द्वीपों के बीच आने-जाने के लिए फेरी और यात्री जहाज अहम साधन हैं। बड़ी संख्या में लोग रोजाना इनसे सफर करते हैं।उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में होने के कारण यहां तेज बारिश, आंधी और ऊंची समुद्री लहरों का खतरा रहता है। ऐसे मौसम में छोटे और मध्यम आकार के जहाजों के लिए सफर मुश्किल हो सकता है।इसके अलावा, कई हादसों की जांच में क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाना, सुरक्षा उपकरणों की कमी और सुरक्षा नियमों का ठीक से पालन नहीं करना जैसी खामियां भी सामने आई हैं। हालांकि, हर हादसे की वजह अलग हो सकती है।
