BRICS में पुतिन का अमेरिका-यूरोप पर तंज:”कमजोर देश खुद को G7 क्यों कहते हैं?”बोले- “ब्रिक्स की आर्थिक ताकत उनसे कहीं ज्यादा”…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ब्रिक्स लीडर्स ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ग्लोबल ट्रेड पर बात की।रूसी राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक, PPP के आधार पर ब्रिक्स की हिस्सेदारी दुनिया की अर्थव्यवस्था में करीब 40% है, जबकि G7 की 29%। यानी आर्थिक आकार में ब्रिक्स आगे है।हालांकि G7 को कमजोर नहीं माना जा सकता। डॉलर, बैंकिंग, निवेश और तकनीक में उसका प्रभाव अब भी बड़ा है। दूसरी तरफ ब्रिक्स की ताकत बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं।
इसमें सबसे अहम बयान पुतिन का रहा। उन्होंने अमेरिका और यूरोप पर तंज कसते हुए कहा,
“पश्चिम अब कमजोर हो रहा है, पता नहीं ये देश खुद को G7 क्यों कहते हैं। दुनिया की 40% से ज्यादा GDP BRICS देशों से आई, G7 की हिस्सेदारी सिर्फ 29% रही।”
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों के आर्थिक दबदबे को खुली चुनौती दी। जी-7 समूह पर तीखा प्रहार किया। पुतिन ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया गहरे संरचनात्मक और व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि पश्चिमी देश निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा करने से बुरी तरह डरते हैं और इसी वजह से रूस पर मनमाने और गलत प्रतिबंध थोपे गए हैं। हालांकि इन प्रतिबंधों के बावजूद रूस न केवल आगे बढ़ा है, बल्कि ब्रिक्स देश आपसी सहयोग और मजबूत रिश्तों के दम पर वैश्विक चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं।
इसके बाद PM मोदी ने भी बिजनेस फोरम को संबोधित किया।BRICS Business Forum को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष हम BRICS के 20 साल मना रहे हैं। 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें केवल चार देश थे। आज BRICS और BRICS पार्टनर्स मिलाकर 21 देशों का हमारा परिवार है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी आबादी रहती है। ये दुनिया की 40% GDP में हिस्सा रखते हैं। भारत व्यापार बढ़ाना चाहता है और इसके लिए सुरक्षित समुद्री रास्ते जरूरी हैं।प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में 45 मिनट बैठक हुई। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचे।बैठक में भारत-रूस रिश्तों के साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी के हालात पर चर्चा हुई। पुतिन ने मोदी को 24वें भारत-रूस समिट के लिए रूस आने का न्योता दिया, जिसे PM ने स्वीकार कर लिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम है, लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण। पिछले 12 वर्षों में भारत ने इस मंत्र को अपनी इकोनॉमिक और ट्रेड पॉलिसिज का आधार बनाया है। लचीलापन की बात करें तो भारत ने एनर्जी से लेकर टेक्नोलॉजी तक सप्लाई चेन को और अधिक डायवर्सिफाइड और रिलायबल बनाया है। इसी का परिणाम है, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत आज ग्रोथ और स्थिरता का भरोसा दे रहा है।उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया में व्यापार बाधाएं बढ़ रहे हैं, तो भारत आर्थिक पुल बना रहा है। 2014 के बाद से हमने दुनिया के करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। BRICS में भी हमारी अप्रोच यही है कि बाधाओं को कम करना है और व्यापार के के लिए अवसर बढ़ाना।पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल ट्रेड तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, सप्लाई रूट खुले हों और समुद्री यात्री सुरक्षित हों। इसलिए, भारत नेविगेशन की आजादी और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का पक्का समर्थक है। ब्रिक्स विमेंस विंग्स बिजनेस अलायंस भी हमारे विजन का एक अहम हिस्सा है। हम चाहते हैं कि महिला उद्यमी हमारी विकास यात्रा का नेतृत्व करें।
