इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पीएम मोदी से बात,स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का न्योता दिया,कैप्टन मच्छार होंगे साथ…
इजराइल में चुनाव से 5 दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है।नेतन्याहू ने मोदी को अगले साल 12 मई को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी को भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साथ मशाल प्रज्वलित करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बातचीत की जानकारी देते हुए मोदी को अपना मित्र बताया।नेतन्याहू ने अपनी पोस्ट में कहा, “मैंने अपने मित्र, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर वीर भारतीय पायलट स्मित मच्छर के साथ मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया।”नेतन्याहू के मुताबिक, मोदी ने निमंत्रण के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ते हैं। मोदी ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया। दोनों नेताओं ने भारत और इस्राइल के संबंधों में लगातार बनी गति का स्वागत किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता भी दोहराई। बातचीत में पश्चिम एशिया के हालात पर भी विचार किया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की तत्काल जरूरत पर जोर दिया।
नेतन्याहू ने इससे पहले फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की थी। उन्होंने स्मित को भारत और इजराइल के लोगों का हीरो बताया था और उन्हें इजराइल आने का न्योता दिया था।उस बातचीत में नेतन्याहू ने कहा था कि वे स्मित और अपने मित्र नरेंद्र मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। अब उन्होंने मोदी से सीधे बात कर इस निमंत्रण का जिक्र किया है।
इजराइल में स्वतंत्रता दिवस पर 12 मशालें जलाने की परंपरा -इजराइल का स्वतंत्रता दिवस योम हा’अत्जमाउत कहलाता है। यह हिब्रू कैलेंडर के 5 इयार को मनाया जाता है। इसलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है।2027 में स्वतंत्रता दिवस 12 मई को होगा। इसका समारोह 11 मई की शाम से शुरू होगा। इसी दौरान यरुशलम के माउंट हर्जल पर मशाल जलाने का खास समारोह आयोजित किया जाता है।यह समारोह योम हजिकारोन यानी सैनिकों और आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों के स्मृति दिवस के खत्म होने और स्वतंत्रता दिवस की शुरुआत का प्रतीक है।समारोह में 12 मशालें एक-एक करके जलाई जाती हैं। ये इजराइल की 12 प्राचीन जनजातियों का प्रतीक मानी जाती हैं।देश के लिए खास योगदान देने वाले लोगों को मशाल जलाने का सम्मान दिया जाता है। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता, वैज्ञानिक, सैनिक, कलाकार और शहीद सैनिकों के परिवारों से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं।समारोह में पहले इजराइली झंडे को नीचे झुकाकर ऊपर उठाया जाता है। यह शोक खत्म होने और खुशी व स्वतंत्रता की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
