पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क भारत आए, पीएम नरेंद्र मोदी से की मुलाकात…
भारत और पोलैंड के रिश्तों को नई दिशा देने के लिए आज, 22 अक्तूबर को पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, उभरती तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत आए टस्क के साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आया है। दिल्ली में दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठक के अलावा 22 अक्तूबर को भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम भी आयोजित किया जाएगा। इसके बाद टस्क बंगलूरू जाएंगे, जहां 23 अक्तूबर को कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात और बिजनेस फोरम से जुड़ी गतिविधियां निर्धारित हैं।पोलैंड 2030 तक भारत के साथ सालाना कारोबार दोगुना करना चाहता है।
टस्क का दौरा भारत और पोलैंड के बीच हाल के महीनों में हुई कूटनीतिक बातचीत की अगली कड़ी है। चार सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वारसॉ में पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने 2024-28 की संयुक्त कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा की।चर्चा में व्यापार, निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, AI, सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, ऊर्जा और सांस्कृतिक संबंधों जैसे विषय शामिल थे। जयशंकर ने पोलैंड के राष्ट्रपति कारो्ल नवरोत्स्की से भी मुलाकात की थी। उस बातचीत में भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी के साथ यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए गए थे।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी से दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं।इस मुलाकात में दोनों देशों के पुराने रिश्तों की झलक भी दिखी। मोदी ने ‘गुड महाराजा’ का जिक्र किया।यह नाम जामनगर के महाराजा दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जडेजा को दिया गया था, जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड के करीब 1,000 बच्चों को भारत में शरण दी थी।पोलैंड के प्रधानमंत्री 16 साल बाद भारत दौरे पर आए हैं। इससे पहले 2010 में अपने पहले कार्यकाल में वह भारत आए थे।
पोलैंड का भारत के साथ मिलकर 4 छेत्रों में साझीदारी मजबूत करने पर जोर रहेगा-
1. रक्षा क्षेत्र में मिलकर हथियार बनाने की तैयारी पोलैंड भारत के साथ मिलकर हथियार और रक्षा उपकरण बनाने की संभावनाएं तलाश रहा है। दोनों देश रक्षा उपकरणों को डिजाइन करने, विकसित करने और उनका उत्पादन करने में साथ काम कर सकते हैं।
2. 2030 तक कारोबार दोगुना करने का लक्ष्य पोलैंड 2030 तक भारत के साथ सालाना कारोबार दोगुना करना चाहता है। इसके लिए करीब 100 कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। ये कंपनियां भारतीय बाजार में कारोबार और साझेदारी के नए मौके तलाशेंगी।
3. अंतरिक्ष और तकनीक में भी सहयोग भारत और पोलैंड अंतरिक्ष, सूचना तकनीक, डिजिटल तकनीक और बैटरी रिसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में भी साथ काम कर सकते हैं। पोलैंड की खाद्य प्रसंस्करण, खनन और मशीनरी के क्षेत्र में भी अच्छी पकड़ है।
4. यूक्रेन में शांति पर भी जोर पोलैंड भारत को एक उभरती वैश्विक शक्ति मानता है। वह यूक्रेन में शांति की कोशिशों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मुद्दों पर भी भारत के साथ काम करना चाहता है।
