देशभर में धूम-धाम से हुआ गणेश विसर्जन…
आज गणेश उत्सव का आखिरी दिन है। देशभर में गणेश प्रतिमाओं का नदियों, तालाबों, झीलों और कृत्रिम कुंडों में विसर्जन किया जा रहा है।मुंबई में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। विसर्जन के लिए 383 कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं।अलग-अलग घाटों पर श्रद्धालुओं का गणपति बप्पा के प्रति अटूट प्रेम और श्रद्धा दिखी। विसर्जन से पहले श्रद्धालुओं ने बप्पा की आरती की और उन्हें मोदक, फल और फूल का भोग लगाया। साथ ही भगवान गणेश से सुख-समृद्धि मांगी और अगले साल फिर से आने का वचन लिया।BMC के अनुसार, इस साल अब तक 12 दिनों तक चलने वाले त्योहार के दौरान डेढ़ दिन, पांच दिन, छह दिन और सात दिन की अवधि में 1,63,386 गणपति मूर्तियों का विसर्जन किया गया है।इस दौरान हर ओर ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्द आ’ के जयकारों से गूंजते सुनाई दिए।मुंबई के ‘लालबागचा राजा’ की प्रतिमा को भक्तों ने उत्साह और उमंग के साथ विदाई दी। इस दौरान भक्तों ने रंग गुलाल उड़ाकर बप्पा की शोभा यात्रा निकाली।
महाराष्ट्र के जालना में गणेश विसर्जन के मौके पर, जालना नगर निगम ने “बप्पा का आशीर्वाद… प्रकृति के साथ” थीम के तहत एक पर्यावरण-अनुकूल पहल शुरू की है। पहले 100 भक्त अपनी गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित करने के बजाय दान करेंगे, उन्हें गुड़हल का पौधा उपहार में दिया जा रहा है। मोती तालाब में विसर्जन कुंड के पास तीन मंडप बनाए गए हैं, जहां भक्तों को खासकर छोटी गणेश प्रतिमाएं दान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इकट्ठा की गई प्रतिमाओं का दोबारा इस्तेमाल करके स्कूलों के लिए बेंच, टेबल और कुर्सियां बनाई जाएंगी।
हैदराबाद में भी 25-30 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में लगे हैं। निगरानी के लिए 24 ड्रोन और 10 हजार CCTV कैमरे लगाए गए हैं।हुसैन सागर के आसपास 100 अतिरिक्त कैमरे, जबकि झील किनारे क्रेन, इमरजेंसी बोट, गोताखोर और मेडिकल पोस्ट तैनात किए गए हैं। जुलूसों के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और कई पाबंदियां लागू रहेंगी।हैदराबाद के खैरताबाद के महा गणेश को हुसैन सागर झील में विसर्जित किया गया। विसर्जन जुलूस में भक्तों ने हिस्सा लिया।इस दौरान भक्त ढोल नगाड़ों और भगवान गणेश के भक्ति भजनों की धुन पर नाचते और झूमते दिखाई दिए। महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। सभी भक्त गीतों पर नाचते और गुलाल उड़ाते हुए बप्पा की विदाई करते नजर आए। इस दौरान गंगा घाटों पर आस्था और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला ।
