नासिक TCS कांड की मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तार…
बहुराष्ट्रीय कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में महिलाओं के यौन उत्पीड़न और मतांतरण मामले में आरोपित निदा खान को गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया।नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया।निदा पर सेक्सुअल हैरेसमेंट और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं।इससे पहले 2 मई को नासिक कोर्ट ने निदा की एंटीसिपेटरी बेल याचिका खारिज की थी। प्रॉसिक्यूशन ने कोर्ट में कहा कि आरोप गंभीर हैं और उनसे कस्टडी में पूछताछ जरूरी है। इस दौरान निदा फरार चल रही थी।पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसर ने बताया था कि निदा खान इस केस की मुख्य आरोपियों में से एक हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने टीसीएस की नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन मतांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के मामले सामने आने के बाद, नौ प्राथमिकी दर्ज करके आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद निदा फरार हो गई थी। पुलिस ने महाराष्ट्र के कई इलाके में उसकी तलाश कर रही थी।इससे पहले उसने नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी और यह कहते हुए गिरफ्तारी से राहत मांगी थी कि वह दो माह की गर्भवती है। हालांकि कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।FIR के अनुसार, निदा पर आरोप है कि उसने महिला कर्मचारियों को बुर्का पहनने की सलाह दी थी। मामले की जांच नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला…
TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है।
नासिक के चर्चित TCS धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान को अदालत ने तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नासिक रोड कोर्ट में सुनवाई इन-कैमरा तरीके से की गई।सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में केवल सरकारी वकील, जांच एजेंसी के अधिकारी, आरोपी और उनके कानूनी प्रतिनिधियों को ही मौजूद रहने की अनुमति दी गई, जबकि अन्य सभी लोगों को अदालत कक्ष से बाहर कर दिया गया।इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर नासिक रोड कोर्ट परिसर में पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात किया गया था। सरकारी पक्ष की ओर से विशेष सरकारी वकील अजय मिसर ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा होना बाकी है।बताया जा रहा है कि इस मामले में आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां निदा खान के संपर्क में रहे अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही हैं। इस मामले के सामाजिक और राजनीतिक असर को देखते हुए पूरे राज्य की नजर अब जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
