नेपाल बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से बचाए गए दो मजदूरों के परिवार में लौटी खुशी, कहा- छोड़ चुके थे उम्मीद…
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 1200 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आ चुकी है। लोकल अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 900 वर्कर लापता हैं और यह आशंका जताई जा रही है कि इनमें से 500 वर्कर सुरंगों में भी फंसे हैं।ऐसे में त्रिशूली में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल से दो मजदूरों का जिंदा बाहर निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। टनल में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए करीब एक हफ्ते से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
त्रिशूली के 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शुक्रवार को दो मजदूरों को सुरंग से जिंदा बाहर निकाल लिया गया। इनकी पहचान 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में हुई है।दोनों को एयरलिफ्ट करके काठमांडू लाया गया है। सेना के अधिकारियों के अनुसार, साह का इलाज छाउनी स्थित बीरेंद्र आर्मी अस्पताल में किया जाएगा, जबकि महारजन को राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर ले जाया जाएगा। इस बीच कबीर महारजन के परिवार वालों ने उनको सुरक्षित बाहर निकलने पर अपनी खुशी जाहिर की। मीडिया से बात करते हुए, महारजन की चचेरी बहन ने कहा “हम बहुत खुश हैं। हम उनसे मिलने आए हैं। वह 10 दिनों तक सुरंग में फंसे रहे थे। यह एक चमत्कार है। हमने एक बार तो उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन आज हमारी खुशी की कोई सीमा नहीं है। जब मुझे यह खबर मिली, तब मैंने अभी-अभी पूजा की थी। मैंने अपनी अन्य बहनों को फोन किया और अपने भाई को सुरक्षित वापस लाने के लिए भगवान का धन्यवाद किया।”
26 अगस्त को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण सुरंग बंद हो गई थी। बचाव दल के अनुसार, शुक्रवार को ऑपरेशन के दौरान सुरंग के अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाजें सुनी गईं। बचाव कर्मियों ने अंदर फंसे लोगों से कहा, ‘घबराएं नहीं, हम आपको बचा रहे हैं।’ जिस पर उन्होंने जवाब दिया, ‘हां।‘नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवानों वाली एक बचाव टीम सुरंग में दाखिल हो गई है। खोज व बचाव अभियान को तेज कर दिया है। फंसे हुए लोगों के साथ सीधा संपर्क होना, चल रहे बचाव प्रयासों में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक घटनाक्रम माना जा रहा है।
सुरंग के अंदर नौ दिनों तक इन मजदूरों के जिंदा रहने की वजह एयर पॉकेट्स हो सकते हैं। जब सुरंग का निर्माण किया जाता है तो जगह-जगह हवा आने लायक कुछ जगह छोड़ी जाती है, इन्हें की एयर पॉकेट्स कहते हैं।बचाव दल अब उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसे ही एयर पॉकेट्स की वजह से सुरंग के अंदर और भी लोग जिंदा मिल सकते हैं। नेपाल में इस भयानक आपदा के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
