मेट्रो में सवार होकर श्रीराम कॉलेज के शताब्दी समारोह में पहुंचे पीएम मोदी,बच्चों से की बातचीत…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली मेट्रो से पहुंचे।उनके हाथ में मेट्रो कार्ड भी नजर आया। मेट्रो में यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रियों और छात्रों से बातचीत की।प्रधानमंत्री की मेट्रो यात्रा ने आम यात्रियों के रोजमर्रा के सफर को खास बना दिया। पीएम मोदी ने ट्रेन में मौजूद लोगों से बातचीत की और छात्रों से भी संवाद किया। इसके बाद वह एसआरसीसी के लिए रवाना हुए, जहां उन्हें शताब्दी समारोह को संबोधित करना है।
कॉलेज के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है। इसी दौरान पीएम जेन-Z को संबोधित करेंगे।समारोह की शुरुआत में पीएम ने 100 रुपए का सिक्का जारी किया। इसी साल अप्रैल में वे डाक टिकट भी जारी कर चुके हैं।पीएम इससे पहले 2013 में श्रीराम कॉलेज का दौरा कर चुके हैं। उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।इवेंट के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने X पर एक पोस्ट में लिखा- इस कॉलेज ने एकेडमिक एक्सीलेंस, संस्थान बनाने और बिजनेस, पब्लिक लाइफ और समाज में लीडर्स की पीढ़ियों को तैयार करने के मामले में सालों में अपनी अलग पहचान बनाई है।पीएम मोदी का एसआरसीसी में संबोधन शुरू हो गया है। पीएम मोदी ने इस दौरान कॉलेज के इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया है।
एसआरसीसी अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी भी समारोह में मौजूद रहे। शताब्दी समारोह का आयोजन राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर किया जा रहा है। कार्यक्रम में कॉलेज के वर्तमान छात्रों के साथ पूर्व प्राचार्य, शिक्षक और पूर्व छात्र भी शामिल हुए। इस तरह समारोह में संस्थान की अलग-अलग पीढ़ियों की भागीदारी देखने को मिली।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की गिनती देश के भारत के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में की जाती है। मशहूर बिजनेसमैन और जरूरतमंदों की सहायता करने वाले सर श्री राम ने साल 1926 में इस कॉलेज की स्थापना की थी।कॉलेज ने 100 सालों के दौरान हर क्षेत्र में देश को आगे बढ़ाने वाले लोग तैयार किए हैं।शताब्दी समारोह शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित हो रहा है, जिससे यह मौका और खास हो जाता है, क्योंकि इस दिन राष्ट्र पीढ़ियों के निर्माण और समाज की नींव को मजबूत करने में शिक्षकों और शिक्षाविदों के योगदान का सम्मान करता है।
