2020 दिल्ली दंगा – IB ऑफिसर अंकित शर्मा मर्डर केस में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी करार…
दिल्ली में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है।दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में 6 साल बाद फैसला कर दिया है। कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रवीण कुमार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले पर फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया। इस पूरे मामले में ताहिर हुसैन समेत कुल 11 आरोपी के खिलाफ चल रहे मामले में, जिनके खिलाफ कोर्ट ने मार्च 2023 में हत्या, दंगा भड़काने और धार्मिक विद्वेष फैलाने जैसी संगीन धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।
दोषी ठहराए गए आरोपितों में ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस शामिल हैं। वहीं, हसीन उर्फ मुल्लाजी उर्फ सलमान, समीर खान, फिरोज, गुलफाम, शोएब आलम उर्फ बॉबी और मुंतजिम उर्फ मूसा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। दोषी ठहराए गए आरोपितों की सजा पर अदालत अलग से सुनवाई करेगी।कोर्ट ने सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 302, 365, 188, 153ए, 147, 148 और 149 के तहत दोषी करार दिया, हालांकि आपराधिक साजिश (120बी) के आरोप से बरी किया है।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने प्रत्यक्षदर्शियों, फोरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिंह ने पांच आरोपितों को दोषी और छह को बरी करने का फैसला सुनाया।
बता दें कि23 फरवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव होने लगे थे। 26 फरवरी तक चले दंगों में 53 लोगों की जान गई और 250 से ज्यादा जख्मी हो गए थे। मरने वालों में 38 मुसलमान और 15 हिंदू थे। करीब 800 दुकानें जला दी गईं। 500 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया था।दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे। इसके अगले दिन उनका शव चांद बाग पुलिया के पास एक नाले से बरामद हुआ था, जिस पर चोटों के गहरे निशान थे। अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर थाने में ताहिर हुसैन और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को निलंबित कर दिया था। 24 मार्च 2023 को अदालत ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।
