‘अगर विपक्ष ने नहीं किया समर्थन तो गिर जाएगा बिल’, महिला आरक्षण पर लोकसभा में अमित शाह …
बजट सत्र का विस्तार करते हुए सरकार ने तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जो गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को शुरू हो गया। इसमें तीन मुख्य विधेयक संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए गए। आज लोकसभा में वोटिंग होनी है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि सभी ने कहा है कि यह संविधान संशोधन जो आया है, उसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन के सभी सदस्यों ने स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया । उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उत्तर और दक्षिण की राजनीति करने में लगा है।
उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि अगर ये वोट नहीं देंगे तो महिला आरक्षण बिल गिर जाएगा, लेकिन देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘शोर-शराबा करके बच जाओगे, मगर माताओं-बहनों का जो आक्रोश आपके खिलाफ है न, जब मैदान में जाओगे तब मालूम पड़ेग। भागते हुए रास्ते नहीं मिलेगा। चुनाव में जब जाएंगे तब मालूम पड़ेगा जब मातृशक्ति हिसाब मांगेंगी’।
संसद में तीन बिलों पर चर्चा हो रही है….

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा, ‘विपक्ष ने कुछ भ्रांतियां फैलाई हैं- 1) हम जाति जनगणना तो टालने के लिए यह कर रहे हैं। तीन महीने पहले हम जाति जनगणना का पूरा टाइमटेबल हम घोषित कर चुके हैं, इसे टालने का सवाल ही नहीं है। 2) उत्तर बनाम दक्षिण का नैरेटिव- मैं फिर से स्पष्ट करता हूं कि दक्षिण के राज्यों का भी इस सदन पर उतना ही अधिकार है जितना के राज्यों का है… उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश के टूकड़े-टूकड़े नहीं करना चाहिए, इससे ऊपर उठना चाहिए… जिन्होंने संविधान हाथ में लेकर शपथ ली है वे उत्तर-दक्षिण का भेद कराना चाहते हैं, हम यह नहीं होने देंगे।’
