ट्रम्प की धमकी-‘ईरान के लिए आज की रात भयानक’,करेंगे बड़ा हमला,वेनेजुएला की तरह खार्ग द्वीप का तेल-गैस कब्जाएंगे…
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पिछले दो महीनों से ज्यादा समय से जारी खूनी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। साफ शब्दों में कहे तो तो यह संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जिसके बाद पूरी दुनिया पर तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा मंडराने लगा है।अमेरिका ने ईरान पर हमले को लेकर बड़ा बयान जारी किया है।ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका गुरुवार रात ईरान पर बड़ा हमला करेगा। उनका दावा है कि ईरान की ज्यादातर सैन्य ताकत पहले ही कमजोर हो चुकी है।ट्रम्प ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका ईरान के सबसे बड़े ऑयल एक्सपोर्ट सेंटर खार्ग आइलैंड और दूसरे अहम तेल-गैस ठिकानों पर कब्जा करेगा। खार्ग आइलैंड को ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा सेंटर माना जाता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर किए पोस्ट में ट्रंप ने सारी कूटनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर ईरान को पूरी तरह नेस्तनाबूद और श्मशान बना देने की खुली और सबसे आक्रामक धमकी दे डाली है।ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा है कि अमेरिका आज रात ईरान पर ज़बरदस्त हमला करेगा। इसकी नेवी, एयर फोर्स, रडार, एंटी-एयरक्राफ़्ट और डिफेंस के सभी सिस्टम, साथ ही ज़्यादातर हमला करने की क्षमता भी खत्म हो चुकी है। आने वाले समय में कभी भी, हम खार्ग आइलैंड और तेल से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा कर लेंगे और उनके तेल और गैस बाजार पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेंगे। ठीक वैसे ही जैसे हमने वेनेज़ुएला के मामले में किया है। जो वेनेज़ुएला और अमेरिका दोनों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है।
वहीं, ओमान के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर अमेरिकी हमलों को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय क्रू वाले तीसरे जहाज MT जलवीर पर भी हमला किया है। इस पर सवार सभी 20 भारतीय सुरक्षित हैं और उन्हें निकालने का काम जारी है।भारत ने इस मामले पर अमेरिकी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और कहा कि जहाजों पर हो रहे हमले तुरंत बंद होने चाहिए।भारत ने ओमान तट के पास तेल टैंकर सेत्तेबेल्लो पर हुए हमले को लेकर अमेरिका के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर अपनी चिंता जताई और कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
