पेपर लीक संशोधन बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी,10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान…
नीट पेपर लीक के प्रदर्शन के बीच कैबिनेट बैठक ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और सख्त बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। सरकार अगले सप्ताह में मानसून सत्र के दौरान इस संशोधित विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी में है।सूत्रों के मुताबिक बिल में पेपर लीक के ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के मामले में 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अगले हफ्ते संसद में इस बिल को पेश किया जा सकता है।यह फैसला ऐसे समय आया है, जब देशभर में छात्र पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और संसद के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है।
पीएम मोदी ने गुरुवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था। पीएम मोदी ने 2.56 मिनट का एक वीडियो एक्स पर पोस्ट किया।PM ने कहा, पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक रोकने के लिए पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस समस्या से सख्ती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाई जाएगी।उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो। इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया। इससे पहले गुरुवार सुबह भी प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था।पेपर लीक से जुड़े मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे मामले का निपटारा करें और तीन महीने के भीतर सजा सुनाएं।
देश में पहले ही से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू है। इसे 12 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू है। सरकार नए संशोधन कर कानून को और सख्त और प्रभावशाली करने की तैयारी में है।
देश में पेपर लीक से जुड़ा जो अधिनियम पहले से लागू है, उसमें यह प्रावधान हैं-
- पेपर लीक करने पर: 3 से 5 साल जेल और 10 लाख तक जुर्माना
- गिरोह शामिल होने पर: 5 से 10 साल जेल और 1 करोड़ तक जुर्माना
- एजेंसी दोषी होने पर: 1 करोड़ जुर्माना, परीक्षा की पूरी लागत वसूली और अगले 4 साल परीक्षा कराने पर बैन
इस कानून के तहत अपराध गैर जमानती है और समझौता नहीं हो सकता। जांच DSP रैंक या उससे सीनियर अफसर करेंगे।केंद्र सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी किया। सरकार ने 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया है। उन्होंने विनीत जोशी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है।
