IB अफसर अंकित शर्मा हत्या के दोषी पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद,कोर्ट बोला- घटना गंभीर…
2020 में दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद की सजा सुनाई। शुक्रवार (31 जुलाई) को सजा का ऐलान करने से पहले जज ने कहा यह बहुत गम्भीर घटना थी। अंकित शर्मा की बुरी तरह से हत्या की गई। उनकी बॉडी जानवर की तरह छोड़ दी गयी थी। कोर्ट ने कहा यह घटना समाज को झकझोर देने वाली थी। जिस तरह से यह पूरी घटना हुई उसने समाज को सोचने पर मजबूर किया। अदालत ने कहा कि अपराध को अंजाम देने का तरीका अत्यंत क्रूर था।कोर्ट ने 13 जुलाई को ताहिर, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का दोषी ठहराया था।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में ताहिर हुसैन समेत अन्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।इन्हें आईपीसी की धारा 188, 153ए, 147, 148, 149, 365 (अपहरण) और 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया गया है (हालांकि 120बी और 129 से बरी कर दिया गया)।
बता दें कि यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों का एक प्रमुख केस माना जाता है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। अंकित शर्मा की हत्या को लेकर CBI और दिल्ली पुलिस ने विस्तृत जांच की थी। जांच एजेंसियों ने दावा किया कि ताहिर हुसैन ने कथित तौर पर भीड़ को उकसाया और हत्या में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाई।दंगाइयों की दरिंदगी का अंदाजा अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। हत्यारे इतने बेरहम थे कि उन्होंने अंकित के सिर, चेहरे, छाती, पीठ और कमर पर धारदार हथियारों से अनगिनत वार किए। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनके शरीर पर धारदार हथियारों और कुंद बल के कारण 51 चोटों के निशान थे। हत्यारों ने उन्हें तब तक मारा जब तक उनकी जान नहीं निकल गई। इसके बाद, दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए उनके शव को चांद बाग पुलिया के पास एक गंदे नाले में फेंक दिया गया।
सजा के ऐलान से पहले आज कड़कड़डूमा कोर्ट रूम की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।13 जुलाई 2026 को कोर्ट ने ताहिर हुसैन, नजीम , कासिम, अनस और जावेद को दोषी करार दिया था।पुलिस ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बताता था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि अंकित शर्मा पर बेहद बर्बर हमला किया गया।पुलिस के मुताबिक, अंकित शर्मा के शरीर पर 51 घाव थे, जिनमें से सात घाव घातक थे।16 घाव धारदार हथियारों से किए गए थे।अंकित के मरने के बाद भी उनके शव को नुकसान पहुंचाया गया था।दोषी ताहिर हुसैन के वकील ने दिल्ली पुलिस की मौत की सजा वाली मांग का विरोध किया था।वकील ने कहा था कि ताहिर हुसैन ने खुद पुलिस को कॉल किया था।ताहिर हुसैन के वकील ने कहा था कि सिर्फ जख्मों के हिसाब से यह नहीं तय किया जा सकता कि दोषी को मौत की सजा दी जाए।
सजा सुनाए जाने के बाद ताहिर हुसैन ने कहा, “मुझे हाई कोर्ट से न्याय मिलेगा।” उन्होंने फैसले पर निराशा जताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। हुसैन का कहना है कि वे निर्दोष हैं और इस मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन हैं। उनकी कानूनी टीम अब दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है।परिवार की ओर से अंकित शर्मा की मां ने अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आखिरकार उनके बेटे को इंसाफ मिला है।
