मध्यप्रदेश के चित्रकूट में बाढ़, गोरगी बांध टूटा, मंदाकिनी 30 फीट उफनी, रामघाट का 300 मीटर लंबा पुल बहा…
मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं और कई इलाकों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। चित्रकूट में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद रामघाट समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।चित्रकूट में 18 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश से भीषण बाढ़ के हालात हैं। गोरगी बांध टूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है।वहीं गोरगी बांध के टूटने की सूचना के बाद प्रशासन और राहत-बचाव दलों की सक्रियता बढ़ गई है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में अचानक तेज बढ़ोतरी से नदी करीब 30 फीट उफान पर होने की बात सामने आ रही है। पानी तेजी से निचले इलाकों में पहुंचा, जिससे घाट और आसपास के क्षेत्र प्रभावित हुए रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आने से बहने की सूचना है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हुआ है और दोनों ओर से आने-जाने वाले लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।सतना-चित्रकूट मार्ग 3 जगह से बंद है।बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।चित्रकूट के साथ सतना जिले में भी लगातार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। रेलवे ट्रैक पर पानी आ जाने से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है रेलवे ट्रैक में पानी भरने के बाद एक पैसेंजर ट्रेन को रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारियों द्वारा ट्रैक की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में बरदहा नदी के उफान के कारण पहले भी बड़ी संख्या में गांव प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार नदी के बढ़े जलस्तर से कई गांवों का संपर्क बाधित हुआ और ग्रामीण अलग-थलग पड़ गए थे लगातार बारिश के बीच मंदाकिनी और अन्य नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ने एक बार फिर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है फिलहाल सबसे बड़ी मंदाकिनी नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर और तेज बहाव है। लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।रामघाट समेत आसपास के निचले इलाकों में पानी भरने के बाद कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान जारी है। इसी बीच रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दो हेलीकॉप्टर चित्रकूट पहुंच गए हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से उन स्थानों पर फंसे लोगों को निकालने की तैयारी की जा रही है, जहां तेज बहाव और जलभराव के कारण जमीनी स्तर पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।बाढ़ का पानी कई रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। इसके चलते लोग अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों को सुरक्षित निकालना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। हेलीकॉप्टरों के पहुंचने के बाद अब दूरदराज और पानी से घिरे स्थानों तक राहत पहुंचाने के साथ जरूरत पड़ने पर लोगों को एयर रेस्क्यू करने की कोशिश की जा रही है।
