बिहार की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट,7 की मौत,2घंटे तक होते रहे धमाके….
बिहार के सीवान जिले के आलमापुर गांव में पटाखा बनाते समय एक फैक्टरी में भीषण धमाका हुआ। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। धमाका इतना तेज था कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में अभी तक 7 लोगों की मौत की सूचना है। हालांकि, मृतकों की संख्या और उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है। विस्फोट इतना तेज था कि मकान के अगले हिस्से का मलबा सड़क पर जा गिरा। लगातार धमाकों के कारण राहत व बचाव दलों को अंदर जाने में मुश्किल हो रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाके की घेराबंदी की जा रही है।
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई है। सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता और महाराजगंज एसडीपीओ अमन भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। बड़हरिया, जामो और गोरेयाकोठी सहित कई थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद है।दमकल की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता आग बुझाने, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने की है। थाना प्रभारी के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही मृतकों एवं घायलों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार, आलमपुर निवासी मो. अमीरुद्दीन मियां के मकान में पटाखे रखे हुए थे। उन्हें पटाखों का कारोबारी बताया जा रहा है।बताया जाता है कि मकान में कई लोग मौजूद थे, तभी पटाखों में आग लग गई। इसके बाद आग ने वहां रखे अन्य पटाखों को भी अपनी चपेट में ले लिया और लगातार विस्फोट होने लगे। करीब दो घंटे तक रह-रहकर धमाकों की आवाज सुनाई देती रही।मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर ब्लास्ट होने से एक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस घटना में कई लोगों के शरीर के टुकड़े जहां-तहां बिखरे मिले हैं। धमाके रुकने के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। इस बीच क्षत-विक्षत शवों को देख लोगों की रूह कांप उठी। एक परिवार के मां, पिता और बेटी की मौत की बात सामने आ रही है।मकान को हुए नुकसान और विस्फोट की भयावहता के कारण राहत एवं पहचान संबंधी कार्यों में परेशानी होने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों ने हादसे में करीब सात लोगों की मौत की सूचना दी है। बताया जा रहा है कि विस्फोट की वजह से शवों की पहचान करने में कठिनाई हो रही है।हालांकि, मृतकों की वास्तविक संख्या और उनकी पहचान के बारे में आधिकारिक पुष्टि अभी प्रतीक्षित है। घटना के कारणों और मकान में रखे पटाखों की स्थिति को लेकर भी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित पटाखा फैक्ट्री कथित तौर पर बिना लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। हालांकि, फैक्ट्री के लाइसेंस और संचालन की वैधता को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। यदि बिना जरूरी अनुमति के पटाखों का निर्माण किया जा रहा था, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
