‘रामायण’ फिल्म का एक भी सीन लीक करने पर होगी कार्रवाई,बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला…
आज के दौर में पाइरेसी को लेकर सिनेमा जगत के फिल्ममेकर्स की चिंता काफी बढ़ी रहती है। क्योंकि सिनेमाघरों में रिलीज होने के साथ-साथ फिल्म ऑनलाइन लीक हो जाती हैं।फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह है। फिल्म के एक्टर्स भी इसके बड़े स्तर पर प्रमोशन में लगे हुए हैं। अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म को पायरेसी से बचाने के लिए बड़ा फैसला सुनाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ को अंतरिम कॉपीराइट सुरक्षा दी है। कोर्ट ने अज्ञात लोगों, संस्थाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को फिल्म की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग, होस्टिंग और स्ट्रीमिंग करने से रोक दिया है।फिल्म 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रिलीज से पहले ही इसकी एडवांस बुकिंग से करीब 73 करोड़ रुपए की कमाई हो चुकी है।5 नवंबर 2026 को दीवाली वीक में रिलीज होने वाली रामायणम् के लिए ये एक बड़ा फैसला साबित हो सकता है, जिससे फिल्म की कमाई पर असर पड़ता नहीं दिखेगा।
4000 करोड़ के बजट में बनी फिल्म को ऑनलाइन लीक से बचाने के गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से मुंबई हाई कोर्ट में एक याचिका डाली गई थी, जिसको लेकर कोर्ट ने मेकर्स के हित में निर्देश दिया है।कंपनी ने फिल्म की स्क्रिप्ट, किरदारों, फुटेज, गीतों और रिकॉर्डिंग को कॉपीराइट उल्लंघन से बचाने की मांग की थी।कंपनी ने बताया कि केवल आमंत्रित लोगों के लिए प्रीव्यू स्क्रीनिंग रखी गई थी। इस दौरान कड़ी गोपनीयता शर्तें लागू थीं। इसके बावजूद फिल्म के दो ट्रेलर चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किए गए।मामले में जॉन डो के अलावा करीब 34 कंपनियां भी जवाबदेह पक्ष हैं। कोर्ट को बताया गया कि फिल्म के पहले भाग को बनाने में करीब 2,000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। दोनों भागों का कुल बजट 4,000 करोड़ रुपए है।
कोर्ट के आदेश से फिल्म के पाइरेटेड लिंक और मिरर साइट्स को हटाने का रास्ता साफ हुआ है। इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लिखित सूचना मिलने पर कार्रवाई करनी होगी।कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति या डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना अनुमति के फिल्म की रिकॉर्डिंग, अपलोडिंग या स्ट्रीमिंग नहीं कर सकता। इसके अलावा, फिल्म से जुड़ा कोई भी पायरेटेड कंटेंट सामने आने पर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शिकायत मिलने के बाद उसे हटाना या ब्लॉक करना होगा। इतना ही नही ंजस्टिस माधव जामदार इस मामले में अपने निर्देश में कहा है कि वे ऐसी वेब साइट्स की पहचान चिन्हित कर लें, जिन पर बिना परमिशन के फिल्म को लीक करके परोसा जा रहा है।
गूगल एलएलसी और दुनिया भर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ओर से पेश वकील ने कहा कि उन्हें अंतरिम राहत देने के आदेश पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपत्तिजनक लिंक की जानकारी मिलने पर वे तुरंत कार्रवाई करेंगे।कोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि फिल्म से जुड़े आपत्तिजनक लिंक और उनकी दूसरी कॉपी वाली वेबसाइट्स की जानकारी मिलते ही उन्हें ब्लॉक करें और हटाएं।कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की है। तब तक अंतरिम सुरक्षा लागू रहेगी।
