PM मोदी ने बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाई,बोले-‘ये देश आपका ऋणी है’….
पीएम लगातार 13वीं बार जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे। इससे पहले 12 मौकों पर उन्होंने देश के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया था। सबसे ज्यादा 3 बार जम्मू-कश्मीर गए। दो-दो बार हिमाचल प्रदेश और लद्दाख जा चुके हैं।एक वक्त था, जब बस्तर के जंगलों में गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, हर दिन नक्सली हमलों का डर रहता था… जवानों की शहादत और आम लोगों की मौत की खबरें सुर्खियां बनती थीं लेकिन इस बार तस्वीर बदली हुई है। बस्तर के उन्हीं जंगलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वीर जवानों के साथ दिवाली मनाई। पीएम मोदी ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई में जीत की पहली दिवाली बताया। लेकिन इस मौके पर प्रधानमंत्री ने एक ऐसा संदेश भी दिया, जिसने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी। उन्होंने हथियारबंद नक्सलियों के खात्मे के साथ-साथ ‘दिमागी नक्सलियों’ से भी सावधान रहने की बात कही।
पीएम मोदी ने रविवार को कहा कि नक्सलवाद का खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जंगलों से हथियारबंद नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन अब दिमागी नक्सलियों से खतरा है।उन्होंने दावा किया कि इन लोगों ने कई राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ कर ली है। हमें उनकी पहचान कर खत्म करना होगा। ये लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं।उन्होंने कहा कि मैं दीपावली मनाने आपके बीच बस्तर के जंगलों में आया हूं। पीएम मोदी इस बार दिवाली मनाने सुरक्षाबलों के बीच बस्तर पहुंचे। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस पर निशाना भी साधा। पीएम ने कहा कि पहले की सरकारों को सुरक्षाबलों की फिक्र नहीं थी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज पूरा देश, दुनिया के कोने-कोने में करोड़ों भारतीय प्रकाश का पावन पर्व मना रहे हैं। दूर-दूर से लोग आपने घर पहुंच रहे हैं। परिवार और परिजनों के साथ मिलने जुलने का ये एक बड़ा महोत्सव होता है और मैं भी दिवाली मनाने आपके बीच पहुंच गया हूं।’
उन्होंने कहा, ‘सीमा पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले, राष्ट्र के प्रहरी, मां भारती के वीर, आप सब बेटे-बेटियां, मेरे परिजन हैं, आप सब मेरे परिवार का हिस्सा है। हिमालय की गोद में कारगिल से लेकर लेपचा तक, समंदर किनारे सर क्रीक से लेकर समंदर की गोद में INS विक्रांत तक वीर जवानों के साथ हर दिवाली मेरे लिए यादगार रही है।‘पीएम मोदी ने कहा, ‘ये एक असाधारण उपलब्धि है। इसका बहुत बड़ा श्रेय आपका है, आप जैसे लाखों वीरों का, जवानों का और सुरक्षाकर्मियों का है।इसलिए आज मैं आपके साथ दीवाली मनाने आया हूं और 140 करोड़ देशवासियों की ओर से आपके त्याग समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार भी व्यक्त करने आया हूं।’
प्रधानमंत्री ने कहा,‘ये पहली दीवाली है- जब देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है। ये पहली दीवाली है- जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। ये पहली दीवाली है- जब करोड़ों देशवासी नक्सलवाद के भय को परास्त कर चुके हैं।माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ ये लड़ाई आसान नहीं थी। एक समय था, जब देश के करीब 20 राज्यों में 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। शाम होने के बाद वहां जीवन ठहर जाता था।लोगों से उनका वोट डालने का अधिकार भी इन नक्सलियों ने छीन लिया था।’पीएम ने कहा, ‘सफलता के लिए सही इरादे और सही नीतियां जरूरी हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमने एक के बाद एक कई कड़े फैसले लिए। ऐसे कई कदम भी उठाए गए, जिनके बारे में लोगों को आज भी जानकारी नहीं है।इन फैसलों और प्रयासों से नक्सलियों और अलगाववादियों की फंडिंग पर बड़ी चोट की गई। नकली नोटों के नेटवर्क को खत्म किया गया। इससे न केवल उनकी आर्थिक ताकत टूटी, बल्कि उनकी पूरी सप्लाई लाइन भी बाधित हो गई। इसके परिणामस्वरूप हथियारों की सप्लाई रुक गई और नक्सलियों की आवाजाही और भर्ती पर भी रोक लगी।
