दिल्ली वालों के लिए मुसीबत बन बढ़ रहे H1N1के केस,एक दिन में मिले 114 नए मरीज; 2026 में आंकड़ा 1777 तक पहुंचा…
दिल्ली में एच1एन1 संक्रमण की रफ्तार अचानक तेज हो गई है। 20 अगस्त को राजधानी में एक ही दिन में 114 नए एच1एन1 मरीज मिले।इसके साथ ही वर्ष 2026 में अब तक पुष्ट मरीजों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है। दो सप्ताह पहले छह अगस्त तक यह संख्या 1,344 थी। यानी महज 14 दिन में 433 नए मामले सामने आए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में 229 मामले थे, ऐसे में इस वर्ष अब तक मामले करीब आठ गुना हो चुके हैं। बढ़ते जोखिमों को देखते डॉक्टर सभी लोगों को इन दिनों श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए निरंतर उपाय करते रहने की सलाह दे रहे हैं। लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की जा रही है।
दिल्ली में मौसमी बीमारियों और H1N1 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली सरकार की तैयारियों, अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और वेक्टर जनित बीमारियों की स्थिति पर चर्चा हुई।बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी में वर्ष 2026 के दौरान अब तक इन्फ्लूएंजा-ए के 2392 मामले सामने आए हैं। इनमें H1N1 के 1777 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा H1 के 37, H3 के 138 और अन्य श्रेणियों के 440 मामले रिपोर्ट किए गए हैं।डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पूरी तरह तैयार है और अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर जांच और इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार निगरानी कर रही है। दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम के जरिए ILI, SARI और इन्फ्लूएंजा के मामलों पर रोजाना नजर रख रहा है। अस्पतालों और जिला स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों को स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग और मरीजों की निगरानी के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से अस्थमा, डायबिटीज जैसी दिल या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों में काफी चिंता देखी जा रही है। लेकिन हर संक्रमित व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो, ऐसा जरूरी नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्वाइन फ्लू कई मामलों में गंभीरता वाला हो सकता है। आमतौर पर ये हल्के श्वसन तंत्र के हल्के संक्रमण का कारण बनता है, लेकिन गंभीर स्थितियों में इसके कारण निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत और मौत तक हो सकती है।
- वैसे तो ज्यादातर स्वस्थ लोगों को हल्की बीमारी होती है और वे सही देखभाल से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, लेकिन ज्यादा जोखिम वाले और कमजोर इम्युनिटी वालों में ये दिक्कत ज्यादा हो सकती है।
- गंभीर स्थितियों में अचानक 102-104 बुखार, ठंड लगने, सूखी खांसी, गले में खराश के साथ नाक बहने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
- कुछ मरीजो को पेट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं जिसमें जी मिचलाने, उल्टी-दस्त की दिक्कत होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रभावित क्षेत्रों में इन दिनों अगर तेज बुखार के साथ सांस की दिक्कत हो रही है या निमोनिया जैसे लक्षण हो रहे हैं उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
