पीएम मोदी ने कहा- मैं माताओं-बहनों का क्षमाप्रार्थी, नारी अपमान नहीं भूलती,’हम हारे नहीं, हर रुकावट हटाकर रहेंगे’…..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार रात 8:30 बजे देश के नाम संबोधन दिया। पीएम मोदी ने महिला आरक्षण से जुड़े बिल के पारित न होने पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।पीएम मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने पर कहा, ‘नारी के दुख में मैं भी दुखी हूं। महिलाओं को अधिकार देने वाला यह संशोधन, जो 40 वर्षों से लंबित था, उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से ही यह अधिकार प्रदान करने के बारे में था।’
उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने का जिक्र करते हुए कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर निशाना साधा। पीएम ने कहा कि महिलाएं विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगी।उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को भी आड़े हाथों लिया ।
पीएम मोदी ने भाषण की शुरुआत में बिल पर बोलते हुए कहा, ‘मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं ।आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया।हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया।मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।’
पीएम ने कहा, ‘कांग्रेस, DMK, TMC और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का खामियाजा देश की महिलाओं को भुगतना पड़ा है। कल, पूरे देश में करोड़ों महिलाओं की नजरें संसद पर टिकी थीं।’प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘यह देखकर बेहद दुख हुआ कि जब महिलाओं के हित में लाया गया यह प्रस्ताव गिर गया, तो कांग्रेस, DMK, SP और TMC जैसी पार्टियां तालियां बजा रही थीं। महिलाओं के अधिकार छीनकर, वे अपनी मेजें थपथपा रही थीं।’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि कल विपक्ष ने जो भी किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी। वह नारी के स्वाभिमान पर उसके आत्मसम्मान पर चोट थी। और नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस के उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक, हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तो वह याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था, खुशियां मनाईं थीं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को, देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है।इस बार भी यही हुआ है।
